पंचांग 31 जुलाई : क्या है शुभ और अशुभ समय? जानें तिथि, नक्षत्र और राहुकाल
नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष में किसी भी नए या मांगलिक कार्य की शुरुआत से पहले दिन के पंचांग का विचार करना बेहद आवश्यक माना जाता है। पंचांग के माध्यम से दिन की तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ मुहूर्तों की सटीक जानकारी मिलती है, जिससे कार्यों में सफलता की संभावना बढ़ जाती है। आइए जानते हैं 31 जुलाई का संपूर्ण पंचांग और राहुकाल का समय:
तिथि और संवत
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तारीख: 31 जुलाई
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दिन: शुक्रवार
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मास: श्रावण (सावन)
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पक्ष: कृष्ण पक्ष
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तिथि: तृतीया तिथि
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विक्रम संवत: 2083
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शक संवत: 1948
सूर्य और चंद्रमा का समय
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सूर्योदय: प्रातः 05:42 बजे
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सूर्यास्त: सायं 07:12 बजे
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चंद्रोदय: रात्रि 09:50 बजे
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चंद्रास्त: प्रातः 08:20 बजे (अगले दिन)
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चंद्र राशि: कुंभ राशि
नक्षत्र, योग और करण
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नक्षत्र: शतभिषा नक्षत्र (सायं तक), तत्पश्चात पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र
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योग: शोभन योग
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करण: गर करण, तत्पश्चात वणिज करण
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
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ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:18 बजे से 04:59 बजे तक
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक (किसी भी नए कार्य के लिए सबसे उत्तम समय)
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:42 बजे से 03:36 बजे तक
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गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:11 बजे से 07:33 बजे तक
अशुभ समय और राहुकाल (Inauspicious Timings)
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राहुकाल: प्रातः 10:46 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक (इस दौरान कोई भी नया, मांगलिक या वित्तीय कार्य करने से बचें)
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यमगंड: दोपहर 03:51 बजे से सायं 05:32 बजे तक
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गुलिक काल: प्रातः 07:23 बजे से 09:05 बजे तक
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दिशा शूल: पश्चिम दिशा (शुक्रवार के दिन पश्चिम दिशा में यात्रा करने से परहेज करना चाहिए, यदि यात्रा अनिवार्य हो तो दही या जौ खाकर ही घर से निकलें)
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