कूलर चलने पर भी कमरे में हो रही है उमस और चिपचिपाहट? सुधारें ये 5 गलतियां, तुरंत मिलेगी AC जैसी कूलिंग

कूलर चलने पर भी कमरे में हो रही है उमस और चिपचिपाहट? सुधारें ये 5 गलतियां, तुरंत मिलेगी AC जैसी कूलिंग

नई दिल्ली : भीषण गर्मी से बचने के लिए अधिकांश घरों में एयर कूलर (Air Cooler) का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन कई बार देखने में आता है कि कूलर लगातार चलने के बाद भी कमरा ठंडा नहीं होता, बल्कि कमरे के भीतर अजीब सी उमस (Suffocation), हवा में भारीपन और शरीर में चिपचिपाहट होने लगती है।

यह समस्या कूलर की खराबी के कारण नहीं, बल्कि उसे इस्तेमाल करते समय हमारे द्वारा की जाने वाली कुछ आम गलतियों की वजह से होती है। अगर आप इन 5 गलतियों को सुधार लेते हैं, तो आपका कूलर बिना किसी परेशानी के एसी (AC) जैसी शानदार कोरी कोमल हवा देने लगेगा।

कूलर चलाते समय की जाने वाली 5 बड़ी गलतियां

1. कमरे को पूरी तरह से बंद रखना (No Ventilation)

अक्सर लोग एसी की तरह कूलर चलाते समय भी कमरे के सभी खिड़की-दरवाजे पूरी तरह बंद कर देते हैं। यह सबसे बड़ी गलती है। कूलर 'इवेपोरेटिव कूलिंग' (Evaporative Cooling) के सिद्धांत पर काम करता है, जिसे ताजी हवा की जरूरत होती है। कमरा बंद होने से पानी की वाष्प (Moisture) कमरे के अंदर ही जमा हो जाती है, जिससे कमरा 'ह्यूमिडिटी चेंबर' बन जाता है और चिपचिपाहट बढ़ जाती है।

2. कूलर को कमरे के अंदर रखना

कई लोग कूलर को सीधे कमरे के बीच में या कोने में रख देते हैं। ऐसा करने से कूलर कमरे के अंदर की ही गर्म और उमस भरी हवा को बार-बार खींचता है और उसे ही वापस फेंकता है। इससे वेंटिलेशन रुक जाता है और ठंडक मिलने के बजाय कमरा और गर्म होने लगता है।

3. वॉटर पंप को लगातार चालू रखना

जब हवा में पहले से ही नमी (Humidity) अधिक हो, जैसे कि मानूसन की शुरुआत या अत्यधिक उमस वाले दिनों में, तब कूलर के वॉटर पंप को लगातार ऑन रखने से कमरे के अंदर पानी की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। यही कारण है कि हवा ठंडी तो लगती है, लेकिन शरीर में चिपचिपाहट पैदा करती है।

4. कूलर के पैड्स की सफाई न करना

कूलर के पीछे लगे घास (Grass Pads) या हनीकॉम्ब पैड्स (Honeycomb Pads) में समय के साथ धूल-मिट्टी और गंदगी जमा हो जाती है। जब पैड्स ब्लॉक हो जाते हैं, तो पानी ठीक से नीचे नहीं बह पाता और पंखा बाहर से पर्याप्त हवा नहीं खींच पाता। नतीजा यह होता है कि कूलर से ठंडी हवा आना बंद हो जाती है।

5. पानी के टैंक की नियमित सफाई न करना

कूलर के टैंक में लंबे समय तक पानी जमा रहने से उसमें काई जम जाती है और बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। गंदे पानी की वजह से कूलर से आने वाली हवा भारी और बदबूदार हो जाती है, जिससे कमरे का माहौल और अधिक दमघोंटू (Stuffy) महसूस होने लगता है।

कूलर को AC जैसा कूलिंग मशीन बनाने के उपाय

  • क्रॉस वेंटिलेशन (Cross Ventilation) अपनाएं: कूलर को हमेशा ऐसी खिड़की या दरवाजे पर फिट करें जहाँ से वह बाहर की ताजी और सूखी हवा अंदर खींच सके। साथ ही, कूलर के ठीक सामने वाली खिड़की या दरवाजे को थोड़ा खुला रखें ताकि कमरे के अंदर की गर्म और उमस भरी हवा आसानी से बाहर निकल सके।

  • ह्यूमिडिटी कंट्रोल तकनीक: अगर कमरे में बहुत ज्यादा चिपचिपाहट महसूस हो रही हो, तो कुछ देर के लिए कूलर का पानी (Pump) बंद कर दें और केवल उसका फैन (Fan) चलाएं। इससे कमरे की उमस कम होगी।

  • पैड्स और टैंक को रखें साफ: गर्मी के सीजन में कम से कम महीने में एक बार कूलर के घास या हनीकॉम्ब पैड्स को पानी के तेज प्रेशर से साफ करें। साथ ही हफ्ते में एक बार टैंक का पूरा पानी बदलकर उसे साफ करें।

  • बर्फ के पानी का इस्तेमाल: अत्यधिक गर्मी के दिनों में कूलर के वाटर टैंक में सामान्य पानी के साथ कुछ बर्फ के टुकड़े या ठंडा पानी डालें। इससे कूलर से निकलने वाली हवा का तापमान काफी कम हो जाएगा।