क्या रोज़ाना कॉफी पीना डिप्रेशन से बचा सकता है? नई स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
नई दिल्ली। कॉफी सिर्फ नींद उड़ाने या सुस्ती दूर करने का साधन नहीं है, बल्कि यह आपकी मानसिक सेहत (Mental Health) के लिए भी सुरक्षा कवच साबित हो सकती है। एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि रोज़ाना मध्यम मात्रा में कॉफी का सेवन डिप्रेशन और एंग्जायटी (घबराहट) के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है।
4.6 लाख लोगों पर हुई बड़ी रिसर्च
चीन की फुडन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया है, जिसे 'जर्नल ऑफ अफेक्टिव डिसऑर्डर्स' में प्रकाशित किया गया है। इस रिसर्च के लिए लगभग 4.61 लाख स्वस्थ लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया और उन्हें औसतन 13.4 वर्षों तक फॉलो किया गया।
कितनी कॉफी है फायदेमंद?
स्टडी के परिणामों में कॉफी और मेंटल हेल्थ के बीच एक 'J-शेप' का रिश्ता पाया गया है:
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सबसे ज्यादा फायदा: जो लोग दिन में 2 से 3 कप कॉफी पीते थे, उनमें डिप्रेशन और एंग्जायटी का खतरा सबसे कम पाया गया।
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अधिक सेवन: दिन में 3 कप से ज्यादा कॉफी पीने वालों में भी खतरा कम था, लेकिन उन्हें 2-3 कप पीने वालों की तुलना में कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिला।
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कैफीन मुक्त (Decaf) कॉफी: रिसर्च में पाया गया कि बिना कैफीन वाली कॉफी पीने वालों में बचाव का ऐसा कोई असर नहीं देखा गया। इससे स्पष्ट होता है कि मेंटल हेल्थ सुधारने में 'कैफीन' की मुख्य भूमिका है।
कैफीन कैसे करता है काम?
शोधकर्ताओं के अनुसार, कैफीन में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण दिमाग में सूजन को कम करते हैं। इसके अलावा, यह गट हेल्थ (पेट की सेहत) और न्यूरोट्रांसमीटर पर सकारात्मक असर डालता है, जिससे मूड को रेगुलेट करने और तनाव (Stress) को कम करने में मदद मिलती है।
सावधानी भी है जरूरी
हालांकि स्टडी के नतीजे उत्साहजनक हैं, लेकिन विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण बातें भी साफ की हैं:
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लिमिट का ध्यान रखें: कॉफी का अत्यधिक सेवन अनिद्रा (Insomnia) और हृदय गति बढ़ने जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
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व्यक्तिगत भिन्नता: हर व्यक्ति के शरीर पर कैफीन का असर अलग हो सकता है।
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लाइफस्टाइल का हिस्सा: केवल कॉफी पीना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि संतुलित आहार और नियमित व्यायाम भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है।

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