हर आदिवासी परिवार को गाय-भैंस, बस्तर में अमूल जैसा डेयरी नेटवर्क 

हर आदिवासी परिवार को गाय-भैंस, बस्तर में अमूल जैसा डेयरी नेटवर्क 

अमित शाह ने तैयार किया सहकारिता आधारित विशेष मॉडल

रायपुर/जगदलपुर। जगदलपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की नेतृत्व में कई अहम फैसले हुए हैं। केंद्रीय गृहमंत्री ने बस्तर के विकास के लिए सहकारिता आधारित विशेष मॉडल तैयार किया गया है। बस्तर में स्थानीय आदिवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति को तेजी से मजबूत करने सहकारिता मॉडल पर डेयरी विकास योजना लागू की जाएगी।

 अमित शाह ने योजना के बारे में बताया कि इसके तहत बस्तर के प्रत्येक आदिवासी परिवार को एक गाय और एक भैंस उपलब्ध कराने की तैयारी हो चुकी है। गुजरात के प्रसिद्ध अमूल मॉडल की तर्ज पर बस्तर के गांव-गांव में दुग्ध संग्रहण केंद्र, प्रोसेसिंग प्लांट और बेहतरीन मार्केटिंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि वनांचल के ग्रामीणों को उनके दूध का उचित और सबसे ज्यादा मूल्य मिल सके। बस्तर में इस बड़े पशुधन वितरण और डेयरी नेटवर्क को विकसित करने के लिए देश की संबंधित बड़ी एजेंसियों के साथ आधिकारिक एमओयू भी हो चुका है।

 इस उच्च स्तरीय बैठक में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मौजूद थे। चारों राज्यों के सैकड़ों आला अधिकारी भी यहां मौजूद रहे। बैठक में जो भी कड़े निर्णय लिए गए हैं, चारों राज्यों के मुख्यमंत्री उन्हें तत्काल प्रभाव से अपने-अपने प्रदेश में लागू करेंगे।

मिलावटखोरों के लिए

अब नेम एंड शेम पॉलिसी 

त्योहारों और आम दिनों में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों को रोकने बैठक में कड़ा सुझाव दिया गया। अमित शाह ने कहा कि जो भी दुकानें या व्यापारी मिलावट के दोषी पाए जाते हैं, उन पर केवल जुर्माना लगाकर न छोड़ा जाए। उन पर लगने वाली पेनल्टी, उनके नाम और केस की पूरी जानकारी को सार्वजनिक की जाए। सरकार इसे नेम एंड शेम पॉलिसी के तहत लागू करेगी। इससे आम जनता को आसानी से पता चल सकेगा कि किस दुकान पर नकली या दूषित सामान मिलता है। ऐसा होने से मिलावटखोरों के मन में बदनामी का डर और समाज में जागरूकता दोनों तेजी से बढ़ेगी।

तीन साल में हर केस 

खत्म करने का लक्ष्य

अमित शाह ने बताया कि देश से नक्सलवाद के खात्मे के बाद केंद्र का अगला बड़ा लक्ष्य भारत की न्याय प्रणाली में सुधार लाना है। उन्होंने बताया कि साल 2029 से पहले देश में ऐसी अचूक व्यवस्था लागू करनी है, जिससे कोई भी आपराधिक मुकदमा दर्ज होने के महज तीन साल के भीतर निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अपने अंतिम अंजाम यानी अंतिम फैसले तक पहुंच जाए। इस लक्ष्य को हासिल करने गृहमंत्री ने तीनों नए कानूनों के शत-प्रतिशत जमीनी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

पॉक्सो और रेप केस में सौ प्रतिशत सजा का फार्मूला

अमित शाह ने महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले गंभीर अपराधों पर बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने राज्यों को अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने का अचूक मंत्र दिया। शाह ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि पॉक्सो और बलात्कार के मामलों में पुलिस समय रहते वैज्ञानिक तरीके से डीएनए जांच पूरी कर ले। साक्ष्यों को सामने रखे तो कोर्ट में दोषियों को सजा मिलने की दर को 100त्न तक किया जा सकता है। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही अदालतों में सालों से धूल खा रही फाइलों पर चिंता जताते हुए अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने राज्यों के हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से तत्काल समन्वय स्थापित करें। उन्होंने पांच साल से पुराने सभी लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए राज्यों में स्पेशल कोर्ट गठित करने कहा है।

गवर्नेंस को लेकर चार बड़े आदेश

1. साइबर सुरक्षा: छत्तीसगढ़, एमपी, यूपी और उत्तराखंड अपने यहां साइबर हेल्पलाइन 1930 के कॉल सेंटरों को तुरंत केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक अपडेट करें।

2. हर पांच किमी पर बैंक: सभी कल्याणकारी योजनाएं सीधे खाते में पैसे भेजने पर चलती हैं, इसलिए ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में हर 5 किमी के दायरे में बैंकिंग सेवा जरूर पहुंचाई जाए।

3. कुपोषण के खिलाफ जंग: कुपोषण से केंद्र सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ें। स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बीच में छोडऩे की दर यानी ड्रॉपआउट रेट को शून्य पर लाने का निर्देश।

4. जल जीवन मिशन-2 का रोडमैप: ग्रामीण विकास पर 50 प्रतिशत ध्यान दें। जल जीवन मिशन-2 के तहत हर एक ग्रामीण घर में नल से जल मिले, इसका एक्शन प्लान बनाएं।

प्रात: इंडिया-चैनल इंडिया की प्रतियां अमित शाह को

प्रेस कांफ्रेंस के बाद केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह को बस्तर के लोकप्रिय दैनिक प्रात: इंडिया और चैनल इंडिया की प्रतियां भेंट की गईं। प्रात: इंडिया के सम्पादक नरेंद्र दुबे ने अमित शाह को यह प्रतियां भेंट कीं। अमित शाह ने दोनों की समाचारपत्रों को गौर से देखा और उन्हें अपने पास रख लिया।