दुर्ग (चैनल इंडिया)। केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना ऐसे कमजोर छात्र से की, जो परीक्षा में पास होने पर खुद को होशियार बताता है और फेल होने पर शिक्षक को खराब ठहरा देता है।
जेपी नड्डा शुक्रवार को भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत दुर्ग में आयोजित आमसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि राहुल का भी यही चरित्र है। चुनाव जीतते हैं तो खुद को बुद्धिमान मानते हैं और हारते ही चुनाव आयोग और ईवीएम पर ठीकरा फोडऩे लगते हैं। नड्डा ने कहा कि 140 करोड़ की आबादी और 90 करोड़ मतदाताओं वाला भारत लोकतंत्र की जननी है। निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए दुनिया भर में भारतीय निर्वाचन आयोग का सम्मान होता है, लेकिन कांग्रेस लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर उनका अपमान कर रही है। राहुल गांधी की राजनीति ‘हिट एंड रन’ की है। आरोप लगाते हैं, लेकिन उन्हें साबित नहीं करते।
जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी ने कर्नाटक के महादेवपुरा में एक लाख फर्जी वोट होने का आरोप लगाया था, लेकिन 477 दिन बीतने के बाद भी चुनाव आयोग को हलफनामा नहीं दिया। महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावों को लेकर भी मनगढ़ंत आरोप लगाए। कानूनी हलफनामा देने के बजाय सुप्रीम कोर्ट में राजनीतिक जुलूस निकाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन सडक़ों पर हंगामा करने से नहीं, बल्कि मतदाताओं का दिल जीतने से होता है।
कांग्रेस के लोकतंत्र बचाने के दावों को पाखंड बताते हुए नड्डा ने कहा कि आपातकाल के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बिना मुकदमे और सुनवाई के 1.03 लाख लोगों को दो साल तक जेल में बंद रखा। आजादी की लड़ाई के दौरान अंग्रेजों ने भी एक साथ इतने लोगों को जेल नहीं भेजा था।
दिल्ली में बैठ गए ‘दिमागी नक्सल’: सुधांशु त्रिवेदी
रायपुर (चैनल इंडिया)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म हो गया है, लेकिन दिमागी नक्सल दिल्ली में बैठ गए हैं।
शुक्रवार को रायपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने राहुल गांधी, कांग्रेस और एसआईआर को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी जवाब दिया। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और तेजी से एक मजबूत देश के रूप में उभर रहा है। यह बात दुनिया की कई ताकतों को पसंद नहीं आ रही है। इसलिए देश में तरह-तरह के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब उनकी इच्छा के मुताबिक फैसला नहीं होता, तो उनका व्यवहार सामने आ जाता है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर कांग्रेस के सवालों का जवाब देते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोडऩे के लिए बीएलओ तीन बार घर जाते हैं। इस प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए राजनीतिक दल भी अपने एजेंट नियुक्त करते हैं। देशभर में ऐसे एजेंटों की संख्या करीब 22 लाख है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अपने ही कार्यकर्ताओं की भूमिका पर सवाल उठा रही है? अगर जिला और प्रदेश स्तर के नेताओं ने समय पर आपत्ति दर्ज नहीं कराई, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है?