जीके इलेक्ट्रिक ने बनाया एडवाइजरी बोर्ड :ऑटो सेक्टर के दो दिग्गजों को जिम्मेदारी

जीके इलेक्ट्रिक ने बनाया एडवाइजरी बोर्ड :ऑटो सेक्टर के दो दिग्गजों को जिम्मेदारी

विजय चांदोरिकर और अभिजीत जोशी बने संस्थापक सदस्य, कंपनी के विस्तार और पैन इंडिया प्लान को देंगे रणनीतिक दिशा

रायपुर। इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रही जीके इलेक्ट्रिक ने कारोबार को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने अपने एडवाइजरी बोर्ड का गठन किया है। ऑटोमोबाइल सेक्टर के अनुभवी विशेषज्ञ विजय चांदोरिकर और अभिजीत जोशी को बोर्ड के संस्थापक सदस्यों के रूप में शामिल किया गया है।

कंपनी के चेयरमैन अमर पारवानी की अध्यक्षता में गठित यह बोर्ड जीके इलेक्ट्रिक के विस्तार, प्रोसेस डिसिप्लिन, सिस्टम डेवलपमेंट और स्थानीय बाजार में पकड़ मजबूत करने को लेकर रणनीतिक मार्गदर्शन देगा। कंपनी का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के बाद मध्य भारत और फिर देशभर में अपनी पहुंच बढ़ाना है।

40 साल का अनुभव लेकर आए चांदोरिकर

विजय चांदोरिकर के पास ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का 40 साल से अधिक का अनुभव है। वे फिएट सुंदरम ऑटो फाइनेंस के प्रेसिडेंट एवं सीईओ रह चुके हैं। इसके अलावा फिएट इंडिया में सेल्स एवं मार्केटिंग डायरेक्टर की जिम्मेदारी भी संभाली है। पिछले दो दशकों में उन्होंने भारत, मिडिल ईस्ट और दक्षिण-पूर्व एशिया में ऑटोमोबाइल कंपनियों को बिजनेस मैनेजमेंट, कमर्शियल ऑपरेशन और प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाने के क्षेत्र में सलाह दी है।

टाटा, फोर्ड और फिएट में काम कर चुके जोशी

अभिजीत जोशी के पास भी तीन दशक से ज्यादा का ऑटोमोटिव अनुभव है। वे टाटा मोटर्स, फोर्ड इंडिया और फिएट इंडिया जैसी कंपनियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले जोशी ऑटोमोटिव कंसल्टिंग फर्म के को-फाउंडर भी रहे हैं। वर्तमान में वे लर्नटेक कंसल्टिंग का संचालन कर रहे हैं, जो स्ट्रेटेजिक कैपेसिटी बिल्डिंग, प्रोसेस डिजाइन और सेल्स मैनेजमेंट पर काम करती है।

छत्तीसगढ़ से निकलकर देशभर में विस्तार का लक्ष्य

जीके इलेक्ट्रिक के चेयरमैन अमर पारवानी ने कहा कि परिवार छह दशक से ऑटोमोबाइल कारोबार से जुड़ा है। कंपनी को छत्तीसगढ़ से बाहर बड़े स्तर पर ले जाने के लिए ऐसे अनुभवी लोगों के मार्गदर्शन की जरूरत महसूस हुई, जिन्होंने बड़े कारोबार खड़े किए और उन्हें दिशा दी। इसी उद्देश्य से एडवाइजरी बोर्ड बनाया गया है।

मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ पुनीत पारवानी ने कहा कि कंपनी ने कम समय में तेजी से सफलता हासिल की है। अब विस्तार को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए ऐसे प्रोसेस और सिस्टम तैयार करने की जरूरत है, जो बड़े स्तर के कारोबार को संभाल सकें।

दिग्गजों ने भी जीके इलेक्ट्रिक के विजन को सराहा

एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य विजय चांदोरिकर ने कहा कि जीके ग्रुप ने बाजार की जरूरत को समझते हुए खुद का इलेक्ट्रिक व्हीकल ब्रांड खड़ा किया है। अब इसे पूरे भारत में ले जाने का लक्ष्य है और वे इस सफर का हिस्सा बनकर खुश हैं।

वहीं अभिजीत जोशी ने कहा कि जीके इलेक्ट्रिक ने छत्तीसगढ़ की संभावनाओं और बाजार को समझकर एक मजबूत इलेक्ट्रिक व्हीकल ब्रांड तैयार किया है। अब इसे राष्ट्रीय स्तर की कंपनी में बदलने की दिशा में काम किया जाएगा।

मध्य भारत में तेजी से विस्तार: रायपुर स्थित जीके इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स की प्रमुख ओईएम कंपनी है। छत्तीसगढ़ में मजबूत बाजार बनाने के बाद कंपनी अब मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा में विस्तार कर रही है। कंपनी का अगला लक्ष्य मजबूत पैन इंडिया नेटवर्क तैयार करना है।