धान खरीदी में 1.31 करोड़ की गड़बड़ी का मामला: दो महीने बाद समिति प्रबंधक और प्राधिकृत अधिकारी गिरफ्तार

धान खरीदी में 1.31 करोड़ की गड़बड़ी का मामला: दो महीने बाद समिति प्रबंधक और प्राधिकृत अधिकारी गिरफ्तार

सक्ती। डभरा ब्लॉक के पुटीडीह धान खरीदी केंद्र में धान की बोरियों में मिट्टी मिलाकर कथित तौर पर शासन को करीब 1.31 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत और प्राधिकृत अधिकारी श्यामा बाई की गिरफ्तारी हुई है। दोनों पर धान खरीदी प्रक्रिया में अनियमितता और गड़बड़ी में शामिल होने के आरोप हैं।

यह मामला नवंबर 2025 में धान खरीदी के दौरान सामने आया था। हालांकि, अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी को लेकर पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

रात में धान की बोरियों में मिट्टी मिलाने की सूचना

जानकारी के मुताबिक, 24 नवंबर 2025 को पुटीडीह धान खरीदी केंद्र में रात के समय धान की बोरियों में मिट्टी मिलाए जाने की सूचना अधिकारियों को मिली थी। शिकायत के बाद जिला पंचायत सीईओ के नेतृत्व में टीम ने देर रात खरीदी केंद्र पहुंचकर जांच की।

जांच के दौरान शिकायत सही पाई गई। प्रारंभिक जांच में खरीदी केंद्र से करीब 4,200 क्विंटल धान कम पाए जाने की बात सामने आई। आरोप है कि इस कमी की भरपाई करने के लिए धान की बोरियों में मिट्टी मिलाकर उन्हें तैयार किया जा रहा था।

पहले एक आरोपी के खिलाफ दर्ज हुई थी FIR

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद खरीदी केंद्र प्रभारी प्रकाश महंत के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। हालांकि, उस समय संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत, कंप्यूटर ऑपरेटर द्रोण प्रताप शांडिल्य और प्राधिकृत अधिकारी श्यामा बाई के नाम एफआईआर में शामिल नहीं किए गए थे।

बाद की जांच में इन लोगों की भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर भी सवाल सामने आए। इसके बाद 29 मई 2026 को सहकारिता विभाग की ओर से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए।

कार्रवाई में देरी का आरोप

शिकायत के अनुसार, निर्देश जारी होने के बावजूद करीब दो महीने तक मामले में आगे की कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद जिला प्रशासन के दबाव के बीच पुलिस ने संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत और प्राधिकृत अधिकारी श्यामा बाई के खिलाफ मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया।

मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर द्रोण प्रताप शांडिल्य की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है।

कलेक्टर पर लगाए गए आरोप

इधर, गिरफ्तार किए गए संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत ने 6 अगस्त 2026 को मानवाधिकार आयोग में शिकायत देकर सक्ती कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के साथ एक वीडियो भी दिए जाने की बात सामने आई है, जिसमें शशिकांत महंत कथित तौर पर शौचालय साफ करते नजर आ रहे हैं।

महंत ने आरोप लगाया है कि उसके साथ इस तरह का व्यवहार कराया गया। हालांकि, सक्ती कलेक्टर ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।

कलेक्टर बोले- आरोप झूठे, कार्रवाई से बचने की कोशिश

कलेक्टर ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि संस्था प्रबंधक पिछले करीब दो महीने से कथित भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई से बचने के लिए अलग-अलग प्रयास कर रहा था। कलेक्टर के मुताबिक, उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने वीडियो को भी आरोपों का हिस्सा बताते हुए कहा कि कोई व्यक्ति कहीं भी जाकर शौचालय साफ कर वीडियो बना सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रशासन ने ऐसा कराया होता तो आरोपी को वीडियो बनाने का अवसर कैसे मिलता।

फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि धान की कमी, मिट्टी मिलाने और खरीदी प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितता में किस-किस की क्या भूमिका थी और शासन को हुए नुकसान की वास्तविक राशि कितनी है।