डिप्टी सीएम अरुण साव ने हर घर जल योजना,जल शोधन संयंत्र एवं एसएलआरएम सेंटर का किया निरीक्षण
दंतेवाड़ा से राजू शर्मा की रिपोर्ट
डिप्टी सीएम साव ने गुणवत्तापूर्ण जनसेवाओं के लिए दिए आवश्यक निर्देश
दंतेवाड़ा। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग की महत्वाकांक्षी हर घर जल-हर घर नल योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों का निरीक्षण कर योजना की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली तथा अधिकारियों को नियमित जलापूर्ति एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री साव ने ग्राम टेकनार के निवासी शिवराम पुजारी एवं अर्जुन नाग के घर पहुंचकर नल कनेक्शन और जलापूर्ति व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने उनके परिवारजनों से चर्चा करते हुए नल में पानी आने का समय तथा जलापूर्ति नियमित रूप से होने के बारे में पूछा। ग्रामीणों ने बताया कि योजना के माध्यम से उन्हें घर पर ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है, जिससे दैनिक जीवन में काफी सुविधा हुई है। मौके पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।

इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ग्राम टेकनार में हर घर जल-हर घर नल योजना के अंतर्गत जलापूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण कर योजना के संचालन एवं रखरखाव की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने टेकनार के सरपंच एवं सचिव से गांव में नल-जल योजना से लाभान्वित परिवारों की संख्या के बारे में पूछा। इस पर बताया गया कि ग्राम के लगभग 350 घरों में नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का निर्माण जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही उसका नियमित संचालन एवं रखरखाव भी आवश्यक है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि जल स्रोत, पाइपलाइन एवं अन्य संरचनाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से निभाई जानी चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कांकेर जिले के एक गांव में प्रत्येक परिवार द्वारा जल व्यवस्था के रखरखाव के लिए प्रतिमाह 60 रुपये का योगदान दिए जाने के संबंध में ग्रामीणों को अवगत कराया।

निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से भी संवाद किया। मौके पर ग्रामीणों ने बताया कि पहले पेयजल के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। और दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी लाना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों अधिक लगता था। अब घर-घर नल कनेक्शन मिलने से शुद्ध पेयजल आसानी से उपलब्ध हो रहा है और महिलाओं सहित पूरे परिवार को बड़ी राहत मिली है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी योजनाएं ग्रामीण जीवन को सरल बनाने के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के स्तर को भी बेहतर बनाती हैं।

*जल शोधन संयंत्र का निरीक्षण, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर दिया जोर*
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय निकाय के जल शोधन संयंत्र का निरीक्षण कर पेयजल शुद्धिकरण की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संयंत्र में जल की गुणवत्ता, शुद्धिकरण व्यवस्था तथा वितरण प्रणाली का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संयंत्र परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने, उपकरणों के समुचित रखरखाव तथा इधर-उधर पड़े सामानों को सुव्यवस्थित करने पर विशेष जोर दिया। डिप्टी सीएम साव ने कहा कि जल शोधन संयंत्र का प्रभावी संचालन जनस्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

*एसएलआरएम सेंटर (ठोस एवं तरल संसाधन प्रबंधन केंद्र) का निरीक्षण*
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगर के एसएलआरएम सेंटर (ठोस एवं तरल संसाधन प्रबंधन केंद्र) का निरीक्षण कर वहां संचालित स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र में कचरे के पृथक्करण, संग्रहण एवं वैज्ञानिक तरीके से निपटान की प्रक्रिया की जानकारी ली तथा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने में केंद्र की भूमिका की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने केंद्र में कार्यरत स्वच्छता दीदियों से संवाद कर उनके कार्यों, दैनिक जिम्मेदारियों तथा साफ-सफाई व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्वच्छता दीदियों से उनके मानदेय, कार्य परिस्थितियों और कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से चर्चा की। इस दौरान स्वच्छता दीदियों ने बताया कि केंद्र में कुल 43 दीदियां कार्यरत हैं, जो घर-घर से प्राप्त कचरे के संग्रहण, पृथक्करण और प्रसंस्करण का कार्य नियमित रूप से करती हैं।
उप मुख्यमंत्री ने स्वच्छता दीदियों के समर्पण और मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदार बताया। उन्होंने सभी दीदियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से नगर को स्वच्छ रखने और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है। साथ ही उन्होंने केंद्र के बेहतर संचालन और स्वच्छता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।

इस दौरान विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम, नगरपालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता, उपाध्यक्ष कैलाश मिश्रा,वरिष्ठ जनप्रतिनिधि संतोष गुप्ता एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव,जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा,अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, एडिशनल एसपी आर.के बर्मन, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

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