ग्रीन इंडिया की ओर रफ्तार का रिकॉर्ड : इवी से 57 घंटे में श्रीनगर से कन्याकुमारी का सफर कर बाजपुर की टीम ने रचा राष्ट्रीय इतिहास
पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का दिया संदेश
रायपुर। ग्रीन इंडिया-क्लीन के संकल्प को नई रफ्तार देते हुए उत्तराखंड ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर की तीन सदस्यीय टीम ने इलेक्ट्रिक वाहन (इवी) से श्रीनगर से कन्याकुमारी तक करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी महज 57 घंटे 12 मिनट 48 सेकंड में तय कर नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है। इससे पहले 76 घण्टे का रिकॉर्ड था। यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती क्षमता और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की दिशा में मजबूत संदेश भी है। यह कीर्तिमान इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है।

टीम में राजेश सिंघल कर्नल (सेवानिवृत्त), नितिन सिंघल (चाचा-भतीजा) एवं धनराज सिंह चीमा शामिल थे। राजेश सिंघल का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ सबसे तेज यात्रा का रिकॉर्ड बनाना नहीं था, बल्कि लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति भरोसा बढ़ाना, कार्बन उत्सर्जन कम करने का संदेश देना और ग्रीन इंडिया अभियान को जन-जन तक पहुंचाना भी था।
टीम ने 6 जुलाई की रात करीब 10 बजे श्रीनगर से यात्रा शुरू की। अमरनाथ यात्रा के चलते जम्मू मार्ग पर संभावित भीड़ को देखते हुए रात में रवाना होने की रणनीति बनाई गई, जिससे शुरुआती चरण में कम ट्रैफिक का लाभ मिल सके और समय की बचत हो।

इस पूरे अभियान की सफलता के पीछे सटीक योजना और समय प्रबंधन सबसे बड़ी ताकत रही। यात्रा से पहले हर चार्जिंग स्टेशन का विस्तृत अध्ययन किया गया था। समय बचाने के लिए वाहन को हर बार केवल 80 प्रतिशत तक ही चार्ज किया गया, क्योंकि इसके बाद चार्जिंग की गति धीमी हो जाती है। ऊर्जा दक्षता बनाए रखने के लिए अधिकांश सफर के दौरान वाहन की गति 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रखी गई।
यात्रा के दौरान टीम जालंधर, मालेरकोटला, कोटा, इंदौर, बीड़ और सोलापुर सहित कई शहरों से होकर गुजरी। लगातार ड्राइविंग से होने वाली थकान से बचने के लिए चालक बदलने की पहले से व्यवस्था की गई थी। अनुशासन, टीमवर्क और बेहतर समन्वय के कारण पूरी यात्रा बिना किसी बड़े व्यवधान के पूरी हुई।
अभियान के दौरान सबसे बड़ी चुनौती बेंगलुरु के आसपास का भारी ट्रैफिक रहा, जहां वाहनों की धीमी रफ्तार से बहुमूल्य समय प्रभावित हुआ। इसके बावजूद टीम ने धैर्य नहीं खोया और तय रणनीति के अनुसार सफर जारी रखा।

कन्याकुमारी पहुंचने पर यात्रा का आधिकारिक समय 57 घंटे 12 मिनट 48 सेकंड दर्ज किया गया। इसके साथ ही टीम ने पूर्व राष्ट्रीय समय को पीछे छोड़ते हुए नया राष्ट्रीय कीर्तिमान अपने नाम कर लिया।
टीम का कहना है कि यह उपलब्धि साबित करती है कि भारत में विकसित हो रहे EV चार्जिंग नेटवर्क के साथ लंबी दूरी की यात्रा पूरी तरह संभव है। हालांकि चार्जिंग अवसंरचना को और मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि अधिक से अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाकर प्रदूषण मुक्त और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था का हिस्सा बन सकें।
अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को टीम ने उत्तराखंड, अपने गृह नगर बाजपुर और देशभर के EV उपयोगकर्ताओं को समर्पित किया। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि 'ग्रीन इंडिया', स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भर भारत और टिकाऊ भविष्य की दिशा में बढ़ाया गया एक प्रेरणादायक कदम है।
विदित हो कि राजेश सिंघल और नितिन सिंघल अपनी यात्रा पूर्ण कर रायपुर पहुंचे हैं। राजेश सिंघल रायपुर वीवीआइपी रोड निवासी रमेश कलश के समधी, डॉ. अनशुली कलश के पिता व अखिल कलश के ससुर हैं। डॉ. अनशुली कलश का कटोरा तालाब सिविल लाइन में कलश ऑर्थो डॉंटिक्स एंड डेंटल केयर है।

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