छत्तीसगढ़ की पहली स्टेट फ्यूल पॉलिसी जल्द, स्वच्छ ईंधन को मिलेगा बढ़ावा; सीएनजी-पीएनजी नेटवर्क विस्तार पर जोर

छत्तीसगढ़ की पहली स्टेट फ्यूल पॉलिसी जल्द, स्वच्छ ईंधन को मिलेगा बढ़ावा; सीएनजी-पीएनजी नेटवर्क विस्तार पर जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में वाहनों से बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार पहली बार स्टेट फ्यूल पॉलिसी तैयार करने जा रही है। प्रस्तावित नीति के तहत पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करते हुए सीएनजी, पीएनजी, एलएनजी, कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे स्वच्छ ईंधनों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए अभी से वैकल्पिक एवं स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है। नई नीति लागू होने के बाद गैस आधारित परिवहन और घरेलू गैस नेटवर्क के विस्तार के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाएगा।

वर्तमान में प्रदेश के सीमित क्षेत्रों में ही सीएनजी और पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, जबकि अधिकांश वाहन अब भी पारंपरिक पेट्रोल और डीजल पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, देश के शहरी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा वाहनों से होने वाले उत्सर्जन के कारण होता है। कुछ महानगरों में यह आंकड़ा 39 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।

छत्तीसगढ़ में उपलब्ध अध्ययनों के अनुसार रायपुर में पीएम-10 प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 12 प्रतिशत और पीएम-2.5 में करीब 18 प्रतिशत है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा नहीं दिया गया तो भविष्य में यह अनुपात और बढ़ सकता है।

इसी दिशा में प्राकृतिक गैस अवसंरचना के विस्तार को गति देने के लिए रायपुर में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) की दो दिवसीय राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पीएनजीआरबी के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार जैन, मुख्य सचिव विकास शील, सदस्य (वाणिज्य) अंजनी कुमार तिवारी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के संचालक टोपेश्वर वर्मा, निदेशक (मॉनिटरिंग) लेफ्टिनेंट कर्नल कुमार अभिषेक सहित राज्य सरकार, तेल विपणन कंपनियों और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में सीजीडी परियोजनाओं और प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क की प्रगति की समीक्षा की गई। पीएनजीआरबी ने सभी अधिकृत क्षेत्रों को जल्द राष्ट्रीय गैस पाइपलाइन नेटवर्क से जोड़ने, एमडीपीई पाइपलाइन का विस्तार करने, घरेलू पीएनजी कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने तथा गैस अवसंरचना में निवेश तेज करने के निर्देश दिए। अधिकारियों का मानना है कि इन प्रयासों से प्रदेश में स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।