बाजार के केमिकल वाले आमों से बचें; इन 4 आसान देसी तरीकों से घर पर ही पकाएं एकदम मीठे और रसीले आम

बाजार के केमिकल वाले आमों से बचें; इन 4 आसान देसी तरीकों से घर पर ही पकाएं एकदम मीठे और रसीले आम

नई दिल्ली : गर्मियों का मौसम आते ही हर जुबां पर सिर्फ एक ही फल का नाम होता है 'फलों का राजा आम'। लेकिन आजकल बाजार में मिलने वाले ज्यादातर आमों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे हानिकारक रसायनों (Chemicals) का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं। आप बाजार के इन जहरीले रसायनों से बच सकते हैं और बहुत ही आसान देसी तरीकों से घर पर ही कच्चे आमों को प्राकृतिक रूप से पका सकते हैं।

आइए जानते हैं घर पर सुरक्षित और प्राकृतिक रूप से आम पकाने के 4 सबसे बेहतरीन और पारंपरिक तरीके:

1. सूती कपड़ा या बोरी का नुस्खा (The Gunny Bag Method)

यह सदियों पुराना और सबसे ज्यादा आजमाया हुआ देसी तरीका है:

  • कैसे करें: कच्चे आमों को एक-एक करके सूती कपड़े या जूट की बोरी (टाट) में लपेटकर किसी गर्म या अंधेरी जगह पर रख दें।

  • यह कैसे काम करता है: बोरी या कपड़े के अंदर आम से निकलने वाली प्राकृतिक एथिलीन गैस (Ethylene Gas) बाहर नहीं जा पाती, जिससे आम 2 से 3 दिनों में प्राकृतिक रूप से और बेहद मीठे पक जाते हैं।

2. चावल के डिब्बे का जादू (The Rice Container Trick)

भारतीय घरों में चावल का ड्रम या डिब्बा आम पकाने का सबसे लोकप्रिय जुगाड़ माना जाता है:

  • कैसे करें: कच्चे आमों को सूती कपड़े में लपेटें या सीधे ही चावल के डिब्बे के अंदर गहरे में दबाकर रख दें। डिब्बे का ढक्कन कसकर बंद कर दें।

  • यह कैसे काम करता है: चावल के अंदर की प्राकृतिक गर्मी और हवा का संपर्क कट जाने के कारण आमों में एथिलीन गैस का स्तर तेजी से बढ़ता है, जिससे आम मात्र 24 से 48 घंटों के भीतर पककर तैयार हो जाते हैं।

3. पेपर बैग या अखबार का इस्तेमाल (Paper Bag or Newspaper)

अगर आपके पास कम मात्रा में आम हैं, तो यह तरीका सबसे बेस्ट है:

  • कैसे करें: कच्चे आमों को अखबार (Newspaper) में अच्छी तरह लपेट लें या किसी ब्राउन पेपर बैग में रख दें। अगर आप इसके साथ एक पका हुआ केला या सेब भी रख देंगे, तो प्रक्रिया और तेज हो जाएगी।

  • यह कैसे काम करता है: केला या सेब बहुत तेजी से एथिलीन गैस छोड़ते हैं, जिससे पेपर बैग में बंद कच्चे आम बहुत जल्दी और समान रूप से पक जाते हैं।

4. घास या पुआल की मदद (Straw or Hay Method)

गांवों में आज भी इसी पारंपरिक तरीके से आमों की पेटियां पकाई जाती हैं:

  • कैसे करें: एक गत्ते के डिब्बे (Box) में नीचे सूखी घास या पुआल की एक परत बिछाएं। उसके ऊपर आम रखें और फिर से घास से ढक दें।

  • यह कैसे काम करता है: पुआल की प्राकृतिक गर्माहट आम को अंदर तक सॉफ्ट बनाती है और उसका रंग भी बेहद खूबसूरत और पीला आता है।

केमिकल से पके आमों को कैसे पहचानें?

देसी तरीके अपनाने के साथ-साथ आपको बाजार के केमिकल वाले आमों की पहचान भी होनी चाहिए:

  • रंग की असमानता: प्राकृतिक रूप से पका आम कहीं हरा और कहीं पीला दिखेगा, जबकि केमिकल वाला आम पूरी तरह से एक समान चमकीला पीला दिखाई देता है।

  • स्वाद और खुशबू: केमिकल से पके आमों में प्राकृतिक मिठास और खुशबू गायब होती है, और उन्हें खाने पर मुंह में हल्की जलन या अजीब स्वाद महसूस हो सकता है।