CJP संसद मार्च: जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी, कई जगह पुलिस ने रोका; सुरक्षा के कड़े इंतजाम
नई दिल्ली। नीट (NEET) पेपर लीक मामले और बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन सोमवार को संसद मार्च के साथ तेज हो गया। जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने कई स्थानों पर रोक दिया। इस दौरान कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा।
इस बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने ढाई दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। वहीं पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने दावा किया कि सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए तैयार हो गई है और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से चर्चा की सहमति मिली है। हालांकि इस दावे पर सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
देशभर से पहुंचे छात्र और अभ्यर्थी
संसद मार्च के समर्थन में 19 जुलाई की शाम से ही देश के विभिन्न राज्यों से छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और उनके अभिभावक जंतर-मंतर पहुंचने लगे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।
राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
संसद के मानसून सत्र को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। जंतर-मंतर, संसद मार्ग, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस, रायसीना रोड और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की गई है, जबकि रैपिड रिस्पॉन्स टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर हैं।
बिना अनुमति मार्च की नहीं थी इजाजत
नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एडवाइजरी में स्पष्ट किया कि संसद मार्च या किसी जुलूस के लिए पुलिस से अनुमति नहीं ली गई थी और न ही कोई अनुमति प्रदान की गई थी।
उन्होंने बताया कि मानसून सत्र के मद्देनजर नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने या प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध है। केवल जंतर-मंतर पर पूर्व अनुमति के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी जाती है।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी अनधिकृत मार्च या प्रदर्शन में शामिल होने से बचें।

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