राष्ट्रमंडल खेल 2026: जूडो में भारत का स्वर्णिम प्रदर्शन, अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने 30 मिनट के भीतर रचा इतिहास

राष्ट्रमंडल खेल 2026: जूडो में भारत का स्वर्णिम प्रदर्शन, अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने 30 मिनट के भीतर रचा इतिहास

नई दिल्ली: राष्ट्रमंडल खेल 2026 (Commonwealth Games 2026) में भारतीय एथलीटों ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए जूडो प्रतियोगिता में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारत के लिए जूडो में यह दिन स्वर्णिम साबित हुआ, जब महज 30 मिनट के भीतर भारतीय जूडोका अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने अपने-अपने भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। इस दोहरे स्वर्णिम प्रदर्शन ने राष्ट्रमंडल खेलों की पदक तालिका में भारत की स्थिति को और मजबूत कर दिया है।

अस्मिता डे ने महिलाओं के वर्ग में अपने बेहतरीन दांव-पेच और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करते हुए प्रतिद्वंद्वी को हराकर पहला स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके ठीक बाद, पुरुषों के मुकाबले में उतरते हुए हर्ष सिंह ने भी आक्रामक खेल दिखाया और निर्णायक बाउट में जीत दर्ज कर भारत की झोली में दूसरा स्वर्ण पदक डाल दिया। आधे घंटे के भीतर मिली इस दोहरी सफलता ने न केवल भारतीय प्रशंसकों को झूमने का अवसर दिया, बल्कि भारतीय जूडो के इतिहास में इस दिन को एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज करा दिया।

दोनों खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक सफलता पर खेल जगत और देश भर से बधाइयों का तांता लग गया है। खेल विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने अस्मिता और हर्ष के समर्पण, अनुशासन और दबाव के क्षणों में शानदार प्रदर्शन की जमकर सराहना की है। इन दो स्वर्ण पदकों ने न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जूडो के बढ़ते कद को साबित किया है, बल्कि राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले रहे अन्य भारतीय एथलीटों का भी उत्साह कई गुना बढ़ा दिया है।