राम वनगमन पथ का विकास तीन चरणों में होगा विस्तार, 31 आश्रय स्थल, सत्संग भवन, सीता रसोई बनेगी

राम वनगमन पथ का विकास तीन चरणों में होगा विस्तार, 31 आश्रय स्थल, सत्संग भवन, सीता रसोई बनेगी
रायपुर (चैनल इंडिया)। छत्तीसगढ़ में राम वनगमन पथ का विकास तीन चरणों में वर्ष 2029 तक पूरा होगा। छत्तीसगढ़ में 31 आश्रय स्थल, सत्संग भवन, सीता रसोई बनेगी। राज्य सरकार चयनित 31 स्थलों पर सुविधाएं विकसित करेगी। जहां सन्यासियों और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 75 स्थानों को राम के वनगमन मार्ग से जुड़ा मानकर विकसित करने की पहल की थी। इनमें चंदखुरी, शिवरीनारायण, सीतामढ़ी-हरचौका, रामगढ़, राजिम, नगरी-सिहावा, रामाराम, तुरतुरिया और चंपारण सहित नौ स्थलों पर निर्माण शुरू हुआ था। सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार ने 31 स्थलों को वनगमन स्थल के रूप में तय किया। इसमें माता कौशल्या मंदिर चंद्रखुरी का जिक्र नहीं है। कांग्रेस ने ऐसे अन्य स्थलों का जिक्र नहीं होने पर प्रश्न किया है। इस फैसले के समर्थन में सरकार ने शोध का हवाला दिया है। दोनों दलों के दावों के बीच सवाल उठ रहा है कि स्थलों का चयन किन आधारों पर हुआ।
सरकार के अनुसार, पहला शोध छत्तीसगढ़ के इतिहासकार स्वर्गीय हेमू यदु का है, जो 2018 में प्रकाशित पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ पर्यटन में राम वनगमन पथ’ में संकलित है। दूसरा शोध पं. राम अवतार शर्मा का है। उन्होंने अयोध्या से श्रीलंका तक राम के वनगमन मार्ग का अध्ययन किया और देशभर के 240 से अधिक स्थलों का उल्लेख किया।
तीन चरणों में होगा विकास
वर्ष 2026-27: रुद्रेश्वर महादेव मंदिर (रुद्री, धमतरी), शृंगी ऋषि-सप्तर्षि आश्रम (नगरी-सिहावा), खरौद (खरींद), रामाराम, चिंतामीटर मंदिर (सुकमा, शबरी नदी), चंदन मिहीं रामगढ़, सीता बेंगरा, रामझरना (रायगढ़), विष्णु मंदिर (रामपुर-जुनवानी, कांकेर), चित्रकोट शिव मंदिर और सीतामढ़ी-हरचौका विकसित होंगे।
वर्ष 2027-28: राम-लक्ष्मण पायन, सीतामढ़ी-छतोड़ा, सीतामढ़ी-रापा, सीतामढ़ी-कनवाई, सीता लेखनी, सीताकुंड, राम-जानकी मंदिर (सारासोर), पैसर घाट, गडिय़ा मंदिर, छोटे डोंगर शिव मंदिर तोडमा, राम मंदिर (सूरजपुर) और कोटमसर-कोटि महेश्वर शामिल हैं।
वर्ष 2028-29: इंजराम शिव मंदिर, सिंगेश्वर, लोमश ऋषि आश्रम, विष्णु मंदिर, कुलेश्वर मंदिर, तीरथगढ़, सीताकुंड, मांडव्य आश्रम, शिवरीनारायण, वाल्मीकि आश्रम, वागेश्वर शिव मंदिर, रक्सा डोंगरी और सिरपुर (राम दिवाला) का विकास प्रस्तावित है।