राशन की कालाबाजारी पर लगाम
रायपुर (चैनल इंडिया)। प्रदेश में बैंक एटीएम की तर्ज पर ‘ग्रेन एटीएम’ लगने जा रहा है, जिसके तहत रायपुर के शास्त्री मार्केट में प्रदेश का पहला पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा। लाभार्थी राशन कार्ड या आधार बायोमेट्रिक से सत्यापन कर मशीन से सीधे तय मात्रा में चावल-गेहूं निकाल सकेंगे।
प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था जल्द ही एक बड़े बदलाव देखने को मिल सकता है। पारंपरिक राशन दुकानों के बजाय आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर ‘ग्रेन एटीएम’ शुरू करने की तैयारी में है। ग्रेन एटीएम एक स्वचालित मशीन होगी, जो बैंक एटीएम की तरह काम करेगी। लाभार्थी अपनी पहचान सत्यापित करने के बाद सीधे मशीन से तय मात्रा में चावल या गेहूं प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना की शुरुआत राजधानी रायपुर के शास्त्री मार्केट क्षेत्र से की जा रही है। यहां पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहली मशीन स्थापित की जाएगी। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे धीरे-धीरे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।
ग्रेन एटीएम से अनाज लेने की प्रक्रिया बेहद आसान होगी। इसमें राशन कार्ड नंबर दर्ज कर या आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा। स्क्रीन पर उपलब्ध अनाज का चयन कर निर्धारित मात्रा चुनते ही मशीन कुछ ही सेकंड में अनाज उपलब्ध करा दिया जाएगा। इस नई व्यवस्था से लंबी कतारों से छुटकारा मिलेगा। 24 घंटे कभी भी राशन लेने की सुविधा मिलेगी। तौल में गड़बड़ी की समस्या खत्म होगी और पारदर्शिता में बढ़ोतरी होगी। खासतौर पर मजदूर और दैनिक वेतनभोगी वर्ग के लिए यह व्यवस्था बेहद लाभकारी साबित हो सकती है, क्योंकि वे अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय राशन ले सकेंगे। देश के कई राज्यों जैसे बिहार, हरियाणा, ओडिशा और राजस्थान में इस तरह की मशीनों का उपयोग पहले से किया जा रहा है।