जल संरक्षण को लेकर ‘जल मंथन’ में मुख्यमंत्री साय के सुझाव, हर राज्य बनाए अपना ‘कैच द रेन’ प्लान
रायपुर (चैनल इंडिया)। जल संरक्षण को लेकर एनडीए शासित राज्यों में अब हर राज्य का अपना ‘कैच द रेन’ प्लान तैयार करने का सुझाव दिया गया है। इसके साथ ही जल संरचनाओं की मैपिंग, हर तीन महीने में मुख्य सचिव स्तर पर समीक्षा और बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों के लिए स्टेट वाटर अवॉर्ड शुरू करने का प्रस्ताव भी सामने आया है।
भाजपा शासित राज्यों की दो दिवसीय ‘जल मंथन’ कार्यशाला में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ये सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और जल संरक्षण के सफल प्रयोगों का आपसी आदान-प्रदान इस अभियान को नई गति दे सकता है।
कार्यशाला में जल प्रबंधन और भूजल संरक्षण से लेकर प्रशासनिक समन्वय तथा विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन तक विभिन्न विषयों पर राज्यों ने अपने अनुभव साझा किए।
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी के माध्यम से किए जा रहे जल संरक्षण के प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “जहां जल गिरे, जब गिरे, वहीं संचित करें” के विचार को राज्य में जनभागीदारी के साथ जमीन पर उतारने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संचय जनभागीदारी अभियान के पहले और दूसरे चरण में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि अभियान के तीसरे चरण में प्रदेश ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया।
उन्होंने जल संरक्षण को केवल सरकारी योजना तक सीमित न रखते हुए जनआंदोलन का रूप देने की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल संसाधनों के संरक्षण और बेहतर प्रबंधन के लिए राज्यों के बीच समन्वय, नवाचार और सफल मॉडलों को साझा करना बेहद जरूरी है।
admin



