रायपुर कमिश्नरेट के 221 दिन में 19 हत्याएं, अगस्त में सबसे ज्यादा दस मर्डर
रायपुर (चैनल इंडिया)। रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू हुए 221 दिन हो चुके हैं। इस दौरान कमिश्नरेट पुलिस की सीमा में 19 हत्याएं हो चुकी हैं। इनमें अकेले अगस्त में 10 मर्डर हुए हैं। ज्यादातर मामलों में हत्या की वजह मामूली विवाद रही। विवाद बढऩे पर आरोपियों ने चाकू, पत्थर और गला घोंटकर वारदात को अंजाम दिया।
घटनाओं के बाद पुलिस ने कई मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके बावजूद लगातार हो रही हत्याओं ने शहर में चिंता बढ़ा दी है। इन मामलों में विवाद की वजह भी बेहद मामूली रही। कहीं दूसरे युवक के साथ घूमने को लेकर विवाद हुआ, तो कहीं चार लोगों के सामने उधार के पैसे मांगने पर झगड़ा हुआ। किसी मामले में महिला दोस्त से विवाद और किसी में शादी का दबाव बनाने को लेकर हत्या कर दी गई। कुछ मामलों में निजी बातें दूसरों को बताने को लेकर भी विवाद बढ़ा और हत्या तक पहुंच गया।
कमिश्नरेट लागू होने के महज छह दिन बाद 29 जनवरी को आजाद चौक थाना क्षेत्र के समता कॉलोनी में दुर्गेश ध्रुव की चाकू मारकर हत्या हुई। ध्रुव को चाकू मारने का कारण मामूली विवाद था। घटना को कुछ लोग अवैध कारोबार से जोडक़र भी देख रहे थे। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करके केस क्लोज कर दिया।
अगस्त में सबसे ज्यादा वारदातें
अगस्त में हत्या की वारदातें बढ़ी है। 8 अगस्त तक एक सप्ताह में 5 हत्याओं की वारदात सामने आई। इनमें कमिश्नरेट के खमतराई में 2, मुजगहन में एक, सरस्वती नगर में एक और आमानाका में एक मामला बताया गया। इसके बाद 14 अगस्त को गंज थाना क्षेत्र के होटल में युवती की हत्या, 15 अगस्त को आमानाका में परमप्रीत सिंह को कार से कुचलने का मामला और 18 अगस्त को गुढिय़ारी में प्रीतम साहू की हत्या का खुलासा पुलिस ने किया। 24 अगस्त को डीडी नगर थाना क्षेत्र में एक ही रात अलग-अलग घटनाओं में 2 युवकों की हत्या हुई।
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