2 साल की मासूम से दुष्कर्म मामले में आरोपी को उम्रकैद, कोर्ट ने 6 लाख रुपये मुआवजे की अनुशंसा की

2 साल की मासूम से दुष्कर्म मामले में आरोपी को उम्रकैद, कोर्ट ने 6 लाख रुपये मुआवजे की अनुशंसा की

रायगढ़। जिले में दो साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए जीवन के अंतिम समय तक कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अलग-अलग धाराओं में आरोपी पर कुल 7 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही पीड़ित बच्ची को क्षतिपूर्ति के तौर पर 6 लाख रुपये दिए जाने की अनुशंसा की गई है।

यह मामला पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अर्चना प्रेम मिश्रा ने पैरवी की।

घर में आराम करने के बहाने आया था आरोपी

मामले के अनुसार, 22 अगस्त 2023 को बच्ची की मां ने पूंजीपथरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, घटना के दिन बच्ची के पिता काम के सिलसिले में प्लांट गए हुए थे और महिला अपने बच्चों के साथ घर पर थी।

दोपहर करीब 1 बजे आरोपी राजू महतो महिला के घर पहुंचा और कुछ देर आराम करने की बात कही। महिला ने उसे घर के अंदर आराम करने के लिए कहा। आरोपी उस कमरे में चला गया, जहां उसकी दो साल की बेटी सो रही थी।

बच्ची के रोने की आवाज सुनकर कमरे में पहुंची मां

कुछ देर बाद महिला को बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। वह कमरे की ओर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। दरवाजा खोलकर अंदर जाने पर उसने आरोपी को आपत्तिजनक स्थिति में देखा।

महिला को देखते ही आरोपी मौके से फरार हो गया। इसके बाद परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और मामले की जांच शुरू की।

मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर आरोपी दोषी

मामले की सुनवाई एफटीएससी पॉक्सो कोर्ट घरघोड़ा के विशेष न्यायाधीश शहाबुद्दीन कुरैशी की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान पीड़ित बच्ची की मां ने आरोपी के खिलाफ बयान नहीं दिया।

हालांकि, अदालत ने उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट और जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत जांच साक्ष्यों का परीक्षण किया। इन साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी राजू महतो को दोषी माना।

अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा

अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास, यानी जीवन के अंतिम समय तक जेल में रहने की सजा सुनाई। इसके अलावा विभिन्न धाराओं के तहत कुल 7 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

कोर्ट ने पीड़ित बच्ची के पुनर्वास और क्षतिपूर्ति के लिए 6 लाख रुपये दिए जाने की अनुशंसा भी की है। यह राशि विधिक सेवा प्राधिकरण, रायगढ़ के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।