रायपुर का करोड़ों का स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम छह महीने से ठप

रायपुर का करोड़ों का स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम छह महीने से ठप
- राजधानी के 372 कैमरे बंद
- भुगतान अटका तो जाम और सुरक्षा पर बढ़ा संकट
रायपुर (चैनल इंडिया)। राजधानी रायपुर में करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पिछले छह महीने से पूरी तरह बंद पड़ा है। सिस्टम का संचालन करने वाली कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एल एंड टी) का करीब आठ करोड़ रुपये का भुगतान लंबित होने के कारण मेंटेनेंस और संचालन का कार्य रुक गया है। इसका असर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था के साथ सुरक्षा तंत्र पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
हाल ही में कलेक्ट्रेट चौक पर राज्यपाल के काफिले के दौरान स्मार्ट सिग्नल और मैनुअल ट्रैफिक कंट्रोल के बीच समन्वय नहीं बन सका, जिससे भारी जाम और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई। अधिकारियों का मानना है कि भुगतान संबंधी समस्या जल्द दूर नहीं हुई तो कानून-व्यवस्था की चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। शहर के वीआईपी चौक (राम मंदिर), वीआईपी चौक (विधानसभा), कालीबाड़ी, पंडरी कपड़ा मार्केट, श्यामनगर, कमल विहार और देवेंद्र नगर जैसे प्रमुख चौराहों पर स्मार्ट सिग्नल बंद पड़े हैं। कई स्थानों पर केवल एक दिशा के सिग्नल ही काम कर रहे हैं, जिससे वाहन चालकों में भ्रम की स्थिति बन रही है और पीक आवर्स में लंबा जाम लग रहा है।
आइटीएमएस बंद होने से 372 सीसीटीवी कैमरे, 36 एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे, 83 इमरजेंसी कॉल बॉक्स, स्मार्ट पोल और डिजिटल साइन बोर्ड भी निष्क्रिय हो गए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित यह पूरी व्यवस्था फिलहाल उपयोग से बाहर है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस पर बढ़ा अतिरिक्त बोझ स्मार्ट सिस्टम फेल होने के बाद अब चौराहों की पूरी कमान ट्रैफिक जवानों के भरोसे है। चूंकि वाहनों के दबाव के हिसाब से सिग्नल की टाइमिंग खुद-ब-खुद (ऑटोमैटिक) नहीं बदल रही है, इसलिए सुबह और शाम के वक्त जाम की स्थिति बेकाबू हो रही है। सीमित स्टाफ के बावजूद वीआईपी मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक संभालने के लिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती करनी पड़ रही है, जिससे ट्रैफिक विभाग पर दबाव दोगुना हो गया है।