बाल अपराध रोकने रायपुर पुलिस की नई पहल: ‘नवोदय – नई सुबह की ओर’ कार्यक्रम शुरू, बच्चों के पुनर्वास पर रहेगा फोकस

बाल अपराध रोकने रायपुर पुलिस की नई पहल: ‘नवोदय – नई सुबह की ओर’ कार्यक्रम शुरू, बच्चों के पुनर्वास पर रहेगा फोकस

रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने बाल अपराध की रोकथाम और विधि से संघर्षरत बच्चों के पुनर्वास के लिए नई पहल शुरू की है। शुक्रवार को “नवोदय – नई सुबह की ओर” कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम Council for Social Justice (CSJ) और UNICEF के सहयोग से संचालित किया जाएगा।

कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना है, जो किसी न किसी रूप में आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं या विधि से संघर्षरत बालकों की श्रेणी में आते हैं। इसके तहत बच्चों के मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक वातावरण में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे दोबारा अपराध की दुनिया में न जाएं।


डाइवर्जन प्रोग्राम के जरिए होगा सुधार

रायपुर पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम के पहले चरण में “डाइवर्जन प्रोग्राम” चलाया जाएगा। इसके तहत बच्चों की पारिवारिक स्थिति, सामाजिक परिवेश, रहन-सहन और मानसिक अवस्था का अध्ययन किया जाएगा। जरूरत के अनुसार उन्हें परामर्श और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

बाल कल्याण अधिकारियों और किशोर न्याय बोर्ड की मदद से बच्चों को कानूनी संरक्षण और आवश्यक सहायता भी दी जाएगी। आने वाले चरणों में मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों को भी कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा, जो लगातार छोटे अपराधों में शामिल पाए जाने वाले बच्चों की नियमित काउंसलिंग करेंगे।


8 विभाग मिलकर करेंगे काम

इस अभियान के तहत जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड समेत कुल आठ विभागों को जोड़ा गया है। इन विभागों के समन्वय से बच्चों और उनके परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और कल्याणकारी सेवाओं का लाभ दिलाया जाएगा।

कार्यक्रम में Council for Social Justice और UNICEF के वॉलंटियर्स भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। वे बच्चों और उनके परिवारों को परामर्श देने के साथ उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम करेंगे।


इन थाना क्षेत्रों से होगी शुरुआत

रायपुर पुलिस ने शुरुआती चरण में तेलीबांधा, गंज, खमतराई, टिकरापारा और डीडी नगर थाना क्षेत्रों का चयन किया है। इन इलाकों में आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए गए बच्चों की सूची तैयार कर उनके पुनर्वास और सुधार के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त डॉ. अर्चना झा, यूनिसेफ की स्टेट कॉर्डिनेटर चेतना देसाई सहित कई अधिकारी, बाल कल्याण अधिकारी और वॉलंटियर्स मौजूद रहे।


अभिभावकों से भी की अपील

रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों और अभिभावकों से बच्चों को सकारात्मक वातावरण देने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि बच्चों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य के लिए परिवार और समाज की भागीदारी बेहद जरूरी है।