आत्महत्या में छत्तीसगढ़ चौथा, देश के टॉप फाइव राज्यों में शामिल

आत्महत्या में छत्तीसगढ़ चौथा, देश के टॉप फाइव राज्यों में शामिल

रायपुर (चैनल इंडिया)। छत्तीसगढ़ में आत्महत्याओं का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन खुदकुशी की खबरें आ रही हैं। रोजाना खुद ही जान देने के मामले इतने बढ़े हैं कि छत्तीसगढ़ देश में आत्महत्या के मामलों में चौथे स्थान पर है यानी देश में टॉप फाइव के स्थान पर आ गया है। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट 2023 के मुताबिक राज्य में 7,868 आत्महत्याएं दर्ज की गईं। आत्महत्या दर प्रति एक लाख आबादी पर 26 रही, जो राष्ट्रीय औसत 12.3 से दोगुने से भी अधिक है।

एनसीआरबी के अनुसार, आत्महत्या दर के मामले में छत्तीसगढ़ देश के राज्यों में चौथे स्थान पर रहा। इससे पहले सिक्किम केरल और तेलंगाना जैसे राज्य हैं। आंकड़े बताते हैं कि 2022 में राज्य में 8,446 आत्महत्याएं दर्ज हुई थीं, जबकि 2023 में इसमें करीब 6.8 प्रतिशत की कमी आई। एनसीआरबी की 2022 रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ आत्महत्या दर के मामले में देश में तीसरे स्थान पर था। उस समय राज्य की आत्महत्या दर 28.2 दर्ज की गई थी, जबकि राष्ट्रीय औसत 12.4 था। 2022 में राज्य में कुल 8,446 लोगों ने आत्महत्या की थी, जो 2021 की तुलना में लगभग 7.9 प्रतिशत अधिक थी।

जानकारों का मानना है कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में ग्रामीण आर्थिक दबाव, पारिवारिक विवाद, शराब की लत, कर्ज और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की सीमित उपलब्धता भी बड़ी वजहों में शामिल हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि, आत्महत्या केवल कानून-व्यवस्था या सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य का बड़ा मुद्दा बन चुकी है। राज्य में काउंसलिंग सेवाओं, मनोचिकित्सकों और सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की उपलब्धता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।