रायपुर में नाबालिग से 1.77 लाख रुपए की अवैध वसूली: डरा-धमकाकर ऐंठे रुपए; पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की शुरू

रायपुर में नाबालिग से 1.77 लाख रुपए की अवैध वसूली: डरा-धमकाकर ऐंठे रुपए; पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की शुरू
रायपुर: राजधानी रायपुर से अपराध की एक गंभीर वारदात सामने आई है, जहां एक नाबालिग लड़के को डरा-धमकाकर उससे 1 लाख 77 हजार रुपए की मोटी रकम ऐंठ ली गई। आरोपी लगातार नाबालिग को किसी बात को लेकर ब्लैकमेल कर रहे थे और दबाव बनाकर उससे किश्तों में पैसे वसूल रहे थे। घटना का खुलासा तब हुआ जब नाबालिग के व्यवहार में बदलाव देखकर परिजनों को संदेह हुआ। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले की सघन जांच शुरू कर दी है।

आपत्तिजनक बातों और धमकी के जरिए बनाया दबाव

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने नाबालिग को अपने जाल में फंसाकर उसके खिलाफ दबाव का माहौल बनाया। आरोपी नाबालिग को किसी बात को लेकर ब्लैकमेल कर रहे थे और बात उजागर करने या गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे थे। डर और घबराहट की वजह से नाबालिग आरोपियों की मांग पूरी करने लगा और धीरे-धीरे करके उसने आरोपियों को कुल 1.77 लाख रुपए दे दिए। डर के कारण नाबालिग ने लंबे समय तक इस बात की जानकारी अपने माता-पिता या परिजनों को नहीं दी।

व्यवहार में बदलाव से परिजनों को हुआ शक, सामने आई सच्चाई

नाबालिग के लगातार मानसिक तनाव में रहने और असामान्य व्यवहार को देखकर परिजनों को उस पर संदेह हुआ। जब परिजनों ने उससे कड़ाई और सहानुभूतिपूर्वक पूछताछ की, तो नाबालिग अपने आंसुओं पर काबू न रख सका और उसने आरोपियों द्वारा दी जा रही धमकियों तथा अवैध वसूली की पूरी दास्तान बयां कर दी। सच्चाई सामने आते ही परिजनों के होश उड़ गए और वे तुरंत नाबालिग को लेकर संबंधित थाने पहुंचे।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की तलाश में जुटी टीम

परिजनों की शिकायत पर रायपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और अवैध वसूली (Extortion) का अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम के माध्यम से पैसों के लेन-देन, कॉल डिटेल और आरोपियों के संभावित ठिकानों का पता लगा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने अभिभावकों से अपने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों और उनके मानसिक व्यवहार पर विशेष नजर रखने की अपील की है।