रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम केंद्र रायपुर ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अगले 72 घंटों (तीन दिनों) के लिए मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र और मानसूनी द्रोणिका के प्रभाव से राज्य के अधिकांश जिलों में गरज-चमक और वज्रपात के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।
किन जिलों में जारी हुआ अलर्ट?
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई संभागों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) दर्ज की जा सकती है:
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दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़: बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर, बीजापुर, कोंडागांव, सुकमा और नारायणपुर जिलों में बारिश की तीव्रता अधिक रहने की संभावना जताई गई है।
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रायपुर और दुर्ग संभाग: रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, दुर्ग, बेमेतरा और कबीरधाम (कवर्धा) में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का 'यलो अलर्ट' जारी किया गया है।
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बिलासपुर और सरगुजा संभाग: बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, सरगुजा और जशपुर जिलों में भी कुछ स्थानों पर तेज बौछारों के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक:
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चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation): बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तटीय इलाकों के ऊपर एक मजबूत चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।
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नमीयुक्त हवाएं: इस सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ की ओर प्रचुर मात्रा में नमी आ रही है, जिससे राज्य भर में काले बादलों का डेरा जमा हुआ है और रह-रहकर तेज बारिश का दौर जारी है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, आम जनता को सलाह
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन और स्थानीय जिला प्रशासनों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं:
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जलभराव की समस्या: निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका को देखते हुए नगर निगमों और आपदा प्रतिक्रिया टीमों (SDRF) को तैयार रहने को कहा गया है।
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नदी-नालों का बढ़ता जलस्तर: पहाड़ी इलाकों और बस्तर संभाग के छोटे-बड़े नदी-नालों में उफान आने की संभावना है, इसलिए रपटों और जलमग्न पुलियों को पार न करने की सख्त हिदायत दी गई है।
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वज्रपात से बचाव: मौसम विभाग ने बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे, ट्रांसफार्मर या बिजली के खंभों के पास खड़े न होने की सलाह दी है।
कृषि पर असर:
इस बारिश से एक तरफ जहां धान की फसलों को नया जीवन मिलेगा और किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं दूसरी तरफ लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने और जलभराव से दैनिक जनजीवन प्रभावित होने का खतरा भी बढ़ गया है।