मरीजों के हित में धरना स्थल पर समानांतर ओपीडी, चिकित्सकों का आंदोलन जारी

मरीजों के हित में धरना स्थल पर समानांतर ओपीडी, चिकित्सकों का आंदोलन जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के आह्वान पर आज दिनांक 24 सितंबर 2026 को प्रदेश के समस्त मेडिकल कॉलेजों एवं जिला चिकित्सालयों में इंटर्न डॉक्टर, रेजिडेंट डॉक्टर, PG Bonded डॉक्टर एवं MBBS Bonded डॉक्टरों द्वारा अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखा गया।

इसी क्रम में मेडिकल कॉलेज रायपुर में आज OPD सेवाओं का बहिष्कार किया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने मरीजों के स्वास्थ्य हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धरना स्थल पर ही समानांतर OPD (Parallel OPD) की व्यवस्था की, जहां मरीजों का चिकित्सकीय परीक्षण, परामर्श एवं आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया।

JDA स्पष्ट करना चाहता है कि यह आंदोलन मरीजों के खिलाफ नहीं है। मरीज हमारे विरोध का कारण नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी और प्राथमिकता हैं।

सात दिन पूरे — JDA ने लिखित प्रस्तावना दे दी, अब शासन के लिखित आदेश का इंतजार

आज आंदोलन को सात दिन पूर्ण हो चुके हैं। इस दौरान शासन स्तर पर माननीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ हमारी मांगों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा भी हुई।

स्वास्थ्य मंत्री जी द्वारा JDA से मांगी गई हमारी मांगों की प्रस्तावना को JDA द्वारा विधिवत रूप से लिखित में प्रस्तुत कर दिया गया है। हमारी ओर से मांगों एवं उनके प्रस्ताव से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।

इसके बावजूद आज सात दिन पूर्ण होने के बाद भी हमारी मांगों के संबंध में शासन की ओर से अभी तक किसी भी प्रकार का स्पष्ट एवं लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।

जब JDA द्वारा अपनी मांगों की प्रस्तावना लिखित रूप में शासन के समक्ष प्रस्तुत कर दी गई है, तब अब चिकित्सक उन मांगों के संबंध में ठोस, स्पष्ट एवं लिखित निर्णय की अपेक्षा कर रहे हैं।

बातचीत का सम्मान है, आश्वासन का सम्मान है, लेकिन अब समाधान का प्रमाण लिखित आदेश के रूप में चाहिए।

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हमारी मांगें केवल डॉक्टरों के लिए नहीं, छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था के भविष्य के लिए हैं

1. छत्तीसगढ़ में Super Specialty Cadre की स्थापना

JDA की प्रमुख मांगों में Super Specialty Cadre की स्थापना एक महत्वपूर्ण मांग है।

आज छत्तीसगढ़ के गंभीर मरीजों को कई जटिल बीमारियों के उपचार के लिए राज्य के बाहर बड़े चिकित्सा केंद्रों का रुख करना पड़ता है। Liver Transplant, Kidney Transplant, गंभीर कैंसर एवं अन्य जटिल Super Specialty उपचार के लिए मरीजों और उनके परिवारों को दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है।

यदि छत्तीसगढ़ में मजबूत एवं स्थायी Super Specialty Cadre तथा उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं का विकास किया जाता है, तो प्रदेश के ही Super Specialty केंद्रों में ऐसे गंभीर मरीजों का उपचार संभव हो सकेगा।

इससे गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों पर होने वाला इलाज, यात्रा, रहने एवं अन्य अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा तथा मरीजों को अपने ही राज्य में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

यह मांग केवल डॉक्टरों के कैडर की मांग नहीं है — यह छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गंभीर मरीज को उच्च स्तरीय उपचार अपने राज्य में उपलब्ध कराने की मांग है।

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2. कठोर Bond व्यवस्था का अंत — डॉक्टरों को बंधन नहीं, सम्मान के साथ सेवा का अवसर

JDA की दूसरी प्रमुख मांग MBBS एवं PG Bond व्यवस्था में व्यापक सुधार तथा वर्तमान कठोर बंधन व्यवस्था के अंत की है।

एक MBBS डॉक्टर को लंबे समय तक सेवा बंधन में रखने तथा भारी आर्थिक दायित्व के अधीन रखने की वर्तमान व्यवस्था को लेकर चिकित्सकों में गंभीर असंतोष है।

JDA का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में एक MBBS डॉक्टर को लगभग चार वर्षों तक सेवा बंधन में रहने की स्थिति का सामना करना पड़ता है तथा लगभग ₹75 लाख तक की आर्थिक देनदारी/बॉन्ड राशि का प्रावधान डॉक्टरों पर अत्यधिक दबाव उत्पन्न करता है।

एक डॉक्टर जिसने वर्षों तक कठिन परिश्रम कर चिकित्सा शिक्षा प्राप्त की है, उसे भारी आर्थिक बंधन और लंबी सेवा अवधि के दबाव में काम करने के लिए मजबूर करने वाली व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक है।

JDA की मांग है कि—

बॉन्ड की अवधि, राशि एवं कठोर सेवा शर्तों की तत्काल समीक्षा की जाए और वर्तमान कठोर व्यवस्था को समाप्त कर न्यायसंगत, व्यावहारिक एवं मानवीय नीति लागू की जाए।

प्रदेश को डॉक्टरों की आवश्यकता है, लेकिन डॉक्टरों को बंधन और भय के माध्यम से नहीं, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियों के माध्यम से प्रदेश में सेवा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

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3. 24×7 सेवा देने वाले चिकित्सकों को उचित एवं सम्मानजनक वेतन

तीसरी महत्वपूर्ण मांग प्रदेश के Intern Doctors, PG Residents, Post-PG Doctors, PG Bonded Doctors एवं MBBS Bonded Doctors से जुड़ी है।

ये चिकित्सक अस्पतालों में 24×7 अपनी सेवाएं देते हैं। Emergency, ICU, OT, वार्ड, OPD एवं अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवाओं में लंबे समय तक कार्य करते हुए ये चिकित्सक प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

इसके बावजूद JDA का कहना है कि इन चिकित्सकों को मिलने वाला वर्तमान वेतन/मानदेय अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है।

JDA की मांग है कि—

24×7 सेवा देने वाले प्रत्येक चिकित्सक को उसकी जिम्मेदारी, कार्यभार एवं सेवा के अनुरूप उचित, सम्मानजनक एवं प्रतिस्पर्धी वेतन प्रदान किया जाए।

एक डॉक्टर से मरीजों की जान बचाने की जिम्मेदारी लेना और दूसरी ओर उसके श्रम, समय एवं जिम्मेदारी का उचित आर्थिक सम्मान न करना—यह व्यवस्था लंबे समय तक टिकाऊ नहीं हो सकती।

सम्मानजनक वेतन कोई विशेष सुविधा नहीं, बल्कि चिकित्सकों की सेवा और जिम्मेदारी के अनुरूप उचित अधिकार है।

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यह लड़ाई केवल डॉक्टरों की नहीं — बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की लड़ाई है

JDA यह स्पष्ट करना चाहता है कि हमारी मांगों का सीधा संबंध प्रदेश के मरीजों और छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था के भविष्य से है।

हम ऐसा छत्तीसगढ़ चाहते हैं—

जहां गंभीर कैंसर के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्य न जाना पड़े।

जहां जरूरत पड़ने पर Liver Transplant और Kidney Transplant जैसी अत्याधुनिक सेवाएं प्रदेश में ही उपलब्ध हों।

जहां डॉक्टरों को भारी आर्थिक बॉन्ड और अनिश्चित सेवा शर्तों के दबाव में नहीं, बल्कि सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियों के साथ सेवा करने का अवसर मिले।

और जहां अस्पतालों में 24×7 सेवा देने वाले चिकित्सकों को उनके कार्य एवं जिम्मेदारी के अनुरूप सम्मानजनक वेतन मिले।

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मरीजों की सेवा जारी, संघर्ष भी जारी

JDA यह स्पष्ट करना चाहता है कि आंदोलन के बावजूद चिकित्सकों ने मरीजों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को कभी नहीं छोड़ा है।

आज OPD बंद के दौरान भी धरना स्थल पर समानांतर OPD के माध्यम से मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

हमारा उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था के लिए आवाज उठाना है जो मरीजों के लिए बेहतर और चिकित्सकों के लिए सम्मानजनक हो।

चिकित्सक सेवा करना चाहते हैं।
चिकित्सक छत्तीसगढ़ में सेवा करना चाहते हैं।
लेकिन चिकित्सक यह भी चाहते हैं कि उनकी सेवा का सम्मान हो, उनके भविष्य की सुरक्षा हो और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

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अब केवल आश्वासन नहीं — लिखित निर्णय चाहिए

JDA ने संवाद का रास्ता हमेशा खुला रखा है। शासन के साथ हुई चर्चाओं और माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी के साथ हुई सकारात्मक वार्ता का हम सम्मान करते हैं।

लेकिन सात दिन के आंदोलन के बाद भी यदि लिखित आदेश सामने नहीं आता है, तो चिकित्सकों के बीच असंतोष और निराशा स्वाभाविक है।

JDA सरकार से पुनः आग्रह करता है कि चिकित्सकों की सभी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट, ठोस, लिखित एवं समयबद्ध निर्णय लिया जाए।

हमारा उद्देश्य व्यवस्था को बाधित करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में स्थायी, न्यायसंगत और दूरगामी सुधार लाना है।

**“मरीजों की सेवा हमारी जिम्मेदारी है,

चिकित्सकों के अधिकारों की रक्षा हमारा संकल्प है,
और छत्तीसगढ़ की बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था हमारा लक्ष्य है।”**

जब तक मांगों पर स्पष्ट लिखित समाधान नहीं आता, आंदोलन लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से जारी रहेगा।