शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड : 453 शिक्षकविहीन स्कूलों में पहुंचे शिक्षक, 4,729 एकल शिक्षकीय स्कूलों को मिली राहत

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड :  453 शिक्षकविहीन स्कूलों में पहुंचे शिक्षक, 4,729 एकल शिक्षकीय स्कूलों को मिली राहत

स्कूल शिक्षा विभाग में बड़े बदलाव : 10,538 स्कूलों का समायोजन,7 हजार से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति, 5 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया में

रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने पिछले कुछ वर्षों में स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता, शिक्षा की गुणवत्ता, तकनीक के इस्तेमाल और अधोसंरचना सुधार की दिशा में कई बड़े बदलाव किए हैं। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने विभागीय गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण के तहत 10538 स्कूलों का समायोजन किया गया है। इससे 15165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन हुआ, जबकि 453 शिक्षकविहीन और 4,729 एकल शिक्षकीय स्कूलों में शिक्षकों की पूर्ति की गई है।

*2017-18 के बाद फिर शुरू हुई शिक्षकों की पदोन्नति*

विभाग ने बताया कि 2017-18 के बाद शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की गई। टी संवर्ग में 1,335 और ई संवर्ग में 1,478, कुल 2,813 पदों पर प्राचार्यों की पदोन्नति की गई। टी संवर्ग में 1,798 व्याख्याताओं की पदोन्नति हुई। इसके अलावा पिछले दो वर्षों में सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक, सहायक शिक्षक से शिक्षक और शिक्षक से प्रधान पाठक के पदों पर 7 हजार से अधिक पदोन्नतियां की गईं। 2,621 बीएड योग्यताधारी सहायक शिक्षकों का सहायक शिक्षक विज्ञान-प्रयोगशाला के पद पर समायोजन किया गया। पदस्थापना के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग का उपयोग किया गया।

*5 हजार पदों पर सीधी भर्ती,3 हजार संविदा पद भी प्रक्रियाधीन*

दिव्यांग बच्चों के लिए स्पेशल एजुकेटर के 848 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 2025 में 62 पदों पर सीधी भर्ती की गई। पिछले दो वर्षों में 2,104 शैक्षणिक पदों पर सीधी नियुक्तियां हुईं। वहीं करीब 5 हजार शिक्षकीय पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इनमें सहायक शिक्षक के 2,292, सहायक शिक्षक प्रयोगशाला के 200, व्याख्याता के 854 और शिक्षक के 1,654 पद शामिल हैं। स्वामी आत्मानंद और स्वामी विवेकानंद विद्यालयों में 3 हजार से अधिक संविदा पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया जारी है।

*भर्ती परीक्षा अब कंप्यूटर पर, एक सप्ताह में रिजल्ट*

संविदा पदों की भर्ती के लिए राज्य स्तरीय ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी CBT शुरू की गई है। जेम टेंडर के माध्यम से परीक्षा एजेंसी का चयन कर कार्यादेश जारी किया जा चुका है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के 1,895 और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के 1,171, कुल 3,066 पदों पर संविदा भर्ती प्रक्रिया में है। विभाग का दावा है कि CBT का परिणाम परीक्षा के एक सप्ताह के भीतर जारी किया जाएगा। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ समय की भी बचत होगी।

*2027 से नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल से*

वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश के सभी स्कूलों में एक समान शैक्षणिक समय-सारणी लागू की गई है। खेल और भ्रमण के लिए अलग समय-सारणी जारी की गई है। इसमें पढ़ाई के साथ खेल, योग, नैतिक शिक्षा और संस्कार शिक्षा पर भी जोर दिया गया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की तर्ज पर शिक्षा सत्र 2027-28 से 1 अप्रैल से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

*85% शिक्षक रोज VSK ऐप पर लगा रहे ऑनलाइन अटेंडेंस*

स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए VSK मोबाइल ऐप से ऑनलाइन अटेंडेंस की व्यवस्था की गई है। विभाग के अनुसार प्रतिदिन करीब 85% शिक्षक ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। विभागीय कार्यालयों में आधार आधारित बायोमैट्रिक उपस्थिति भी लागू की गई है। विभाग का कहना है कि इसका उद्देश्य कर्मचारियों पर अनावश्यक नियंत्रण नहीं, बल्कि नियमित शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

*45 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें*

निःशुल्क पाठ्य पुस्तक योजना के तहत कक्षा 1 से 10 तक के 45,33,261 विद्यार्थियों को लाभ मिला है। विभाग ने शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले ही किताबें उपलब्ध कराने की पहल की है। पुस्तकों के वितरण और सत्यापन के लिए स्कैनिंग व्यवस्था लागू की गई है। हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 16 बोलियों में भी पाठ्यपुस्तकों का प्रकाशन किया गया है।

*साइकिल से लेकर गणवेश तक, लाखों विद्यार्थियों को लाभ*

निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के तहत सत्र 2026 में 1,62,827 बालिकाओं को लाभान्वित किया गया। वहीं निःशुल्क गणवेश योजना के तहत कक्षा 1 से 8 तक के 28,63,786 बच्चों को गणवेश दिया गया। नए आकर्षक रंगों के साथ चेक शर्ट, स्लेटी पेंट और ट्यूनिक को गणवेश में शामिल किया गया है।

*504 नए स्कूल स्वीकृत, 2,583 अतिरिक्त कक्षों का प्रावधान*

स्कूलों की अधोसंरचना के लिए पिछले तीन वर्षों में 504 नए विद्यालयों को मंजूरी दी गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 700 भवनविहीन स्कूलों के लिए नए भवनों का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2023 से 2026 के बीच 2,583 अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए गए। स्कूलों के शौचालय निर्माण और मरम्मत के लिए 52.39 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। समग्र शिक्षा के तहत 302 शौचालयों का निर्माण भी पूरा किया गया।

*हर विकासखंड में होगा स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय*

वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के भवन निर्माण और संचालन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य है। यहां कक्षा पहली से 12वीं तक पढ़ाई की व्यवस्था होगी।

*बस्तर में 48 बंद स्कूल खुले, 36 नए विद्यालय शुरू*

नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर संभाग में शिक्षा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। माओवादी घटनाओं और शून्य दर्ज संख्या के कारण बंद 48 स्कूलों को फिर शुरू किया गया है। 36 नए स्कूल भी खोले गए हैं। शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय स्कूलों में 573 शिक्षा दूतों के माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। 60 पोर्टा केबिन को आवासीय पीएम श्री स्कूल में बदलने का प्रस्ताव है।

*AI से होगी स्कूलों की मॉनिटरिंग*

प्रदेश में AI आधारित विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) की स्थापना की गई है। इसके जरिए स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं, अधोसंरचना, पीएम पोषण, HRMIS और FLN की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। VSK में कॉल सेंटर भी बनाया गया है। विभाग के अनुसार शिक्षकों, पालकों, संकुल समन्वयकों और अधिकारियों को एक लाख से अधिक कॉल कर फीडबैक लिया जा चुका है। पाठ्यपुस्तकों की बारकोड आधारित ट्रैकिंग से करीब 40 करोड़ रुपए की बचत का दावा भी विभाग ने किया है।

*मातृभाषा में पढ़ाई पर जोर, 4 भाषाओं में किताबें तैयार हो रहीं*

छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य होने का दावा कर रहा है जहां भाषाई चित्रण यानी Language Mapping किया गया है। बस्तर संभाग में 2,700 और सरगुजा संभाग में 2,368 शिक्षकों को बच्चों की घर की भाषा के उपयोग को लेकर प्रशिक्षित किया गया। कक्षा 1 से 3 तक छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सादरी में पाठ्यपुस्तक निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। कक्षा 4 से 12 तक छत्तीसगढ़ी को स्वतंत्र विषय के रूप में शामिल करने के लिए किताबों पर काम किया जा रहा है।

*10वीं-12वीं के रिजल्ट में करीब 2% सुधार*

परीक्षा परिणाम बेहतर करने के लिए संभाग स्तर पर शिक्षा अधिकारियों की बैठक, ब्लू प्रिंट आधारित अध्यापन और पालक-शिक्षक बैठकों पर जोर दिया गया। कक्षा 5वीं और 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा भी आयोजित की गई। विभाग के अनुसार सत्र 2025-26 में 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम में करीब 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

*शनिवार को बैग नहीं, खेल-योग और स्थानीय संस्कृति की पढ़ाई*

शनिवार को बैग रहित दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस दिन विद्यार्थियों को तनाव और भयमुक्त वातावरण में खेल, योग, व्यायाम, कला-संस्कृति, स्थानीय परंपराओं और महापुरुषों के जीवन से परिचित कराया जा रहा है। भाषण, निबंध, गीत, कहानी और लोककथाओं जैसी गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है।

*निजी स्कूल खोलने के नियमों में ढील*

शिक्षा के क्षेत्र में निवेश और गुणवत्तापूर्ण स्कूलों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से निजी विद्यालयों की स्थापना संबंधी नियमों को सरल किया जा रहा है। जमीन की न्यूनतम आवश्यकता, अक्षय निधि और अन्य विनियमनों को आसान बनाने पर जोर है। विभाग का कहना है कि इससे बच्चों के लिए शैक्षणिक अवसर बढ़ेंगे।

*PVTG बच्चों के लिए 40 छात्रावास स्वीकृत*

प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) के बच्चों के लिए स्कूलों के नजदीक आवासीय छात्रावास की सुविधा विकसित की जा रही है। प्रदेश में 156 आवासीय विद्यालय और छात्रावासों में 33 हजार से अधिक बच्चे आवासीय सुविधा का लाभ ले रहे हैं। 13 जिलों में PVTG बच्चों के लिए 40 छात्रावास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें 21 का निर्माण शुरू हो चुका है।

*विभाग का फोकस:* स्कूलों में शिक्षक उपलब्धता, डिजिटल मॉनिटरिंग, मातृभाषा आधारित शिक्षा, बेहतर अधोसंरचना, पारदर्शी भर्ती और विद्यार्थियों को समय पर किताब-कॉपी, गणवेश व साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।