अभाव, संकोच या किसी कारण पीछे छूट रहे बच्चे का हाथ अवश्य थामिए: सीएम
शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री ने गुरुजनों के नाम लिखा पत्र
रायपुर (चैनल इंडिया)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के गुरुजनों के नाम आत्मीय पत्र लिखकर उन्हें सादर नमन किया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए बचपन के संघर्ष, उस दौर में शिक्षा प्राप्त करने की कठिनाइयों और आज शिक्षा के क्षेत्र में आए व्यापक बदलाव का भावपूर्ण उल्लेख किया है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया है कि वे प्रत्येक बच्चे के भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानें और विशेष रूप से उन बच्चों का हाथ थामें, जो अभाव, संकोच अथवा किसी अन्य कारण से पीछे छूट रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने विद्यार्थी जीवन और वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की तुलना करते हुए कहा कि आज पीछे मुडक़र देखने पर यह सुखद अनुभूति होती है कि शिक्षा की दुनिया कितनी बदल गई है। जिस समय उनकी पीढ़ी ने स्लेट, तख्ती और चॉक से पढ़ाई शुरू की थी, आज उसी छत्तीसगढ़ के बच्चे स्मार्ट क्लास में पढ़ रहे हैं। डिजिटल माध्यमों से दुनिया भर के ज्ञान तक उनकी पहुँच बनी है और वे विज्ञान एवं आधुनिक तकनीक से जुड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने गुरुजनों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि तकनीक बच्चों को जानकारी दे सकती है, पुस्तकें उन्हें ज्ञान दे सकती हैं और आधुनिक संसाधन सीखने की राह आसान कर सकते हैं, लेकिन किसी बच्चे के भीतर आत्मविश्वास जगाने, उसके संस्कार गढऩे, उसकी प्रतिभा पहचानने और उसे एक अच्छा मनुष्य बनाने का सामथ्र्य एक संवेदनशील शिक्षक में ही होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि जिन अभावों और कठिनाइयों के कारण कभी किसी बच्चे की पढ़ाई रुक जाती थी, वे आज किसी बच्चे के सपनों के रास्ते में बाधा न बनें। कोई बच्चा केवल इसलिए पीछे न रह जाए कि उसका जन्म किसी छोटे गाँव, वनांचल अथवा दूरस्थ क्षेत्र में हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना चाहते हैं, जहाँ किसी बच्चे की परिस्थितियाँ उसके सपनों की सीमा तय न करें।
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