दिगंबर जैन समाज का 16 सितंबर से दशलक्षण महापर्व

दिगंबर जैन समाज का 16 सितंबर से दशलक्षण महापर्व

रायपुर। दिगंबर जैन समाज का प्रमुख एवं पवित्र दशलक्षण महापर्व इस वर्ष बुधवार 16 सितंबर से शुक्रवार से 25 सितंबर तक देशभर में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया जाएगा। दस दिवसीय इस महापर्व के दौरान श्रद्धालु आत्मशुद्धि, संयम, साधना एवं उत्तम गुणों की आराधना करते हुए आध्यात्मिक उन्नति का प्रयास करेंगे।
यह जानकारी कचना स्थित अमलतास कैसल के 1008 श्री मुनि सुब्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर के अध्यक्ष हिमांशु जैन ने दी। उन्होंने बताया कि दशलक्षण महापर्व दिगंबर जैन समाज के प्रमुख धार्मिक पर्वों में से एक है। इस दौरान श्रद्धालु अपने जीवन में उत्तम गुणों को अपनाने तथा आत्मचिंतन के माध्यम से आत्मिक शुद्धि का प्रयास करते हैं।
महापर्व की धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्ता की जानकारी देते हुए भाई सुरेश मोदी ने बताया कि दशलक्षण पर्व मुख्य रूप से भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी से अनंत चतुर्दशी तक मनाया जाता है। पर्व के प्रत्येक दिन आत्मा के विभिन्न उत्तम गुणों की साधना एवं आराधना की जाती है। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति को अपने भीतर झांकने, आत्मचिंतन करने और जीवन में संयम एवं सद्गुणों को विकसित करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने बताया कि इन दस दिनों में श्रद्धालु व्रत-उपवास, ध्यान, स्वाध्याय, संयम और धार्मिक आराधना के माध्यम से अपने जीवन में आध्यात्मिक अनुशासन स्थापित करने का प्रयास करते हैं। साथ ही बीते वर्ष में हुए कर्मबंधनों को क्षीण करने और नए कर्मों के बंधन से बचने की भावना के साथ आत्मशुद्धि की साधना की जाती है।

दशलक्षण महापर्व के माध्यम से क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य जैसे उत्तम गुणों को जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया जाता है। जैन समाज के श्रद्धालु इस दौरान धार्मिक कार्यक्रमों एवं विशेष आराधना में सहभागी बनकर आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ते हैं ।