हर शिकायत में महिला सही नहीं भविष्य में पुरुष आयोग पर भी विचार
विदाई से पहले महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. किरणमयी की राय
बिलासपुर (चैनल इंडिया)। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने अपने दूसरे कार्यकाल की अंतिम जनसुनवाई में महिलाओं से जुड़े कई संवेदनशील मामलों पर सुनवाई करते हुए बेबाक टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि 13 जुलाई को उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है और इस दौरान उन्होंने पूरी ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिला आयोग का उद्देश्य कभी परिवार तोडऩा नहीं रहा, बल्कि हर संभव स्थिति में परिवारों को बचाने और समझौते का रास्ता निकालने का प्रयास किया गया।
पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि उनके अनुभव में ऐसे भी कई मामले आए, जिनमें प्रथम दृष्टया महिलाओं द्वारा कानून के दुरुपयोग की आशंका दिखाई दी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक मामले में निर्णय तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही लिया जाता है। पुरुष आयोग की आवश्यकता संबंधी प्रश्न पर उन्होंने कहा कि यह सरकार और नीति निर्धारकों का विषय है, लेकिन बदलते सामाजिक परिवेश में भविष्य में इस पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कानून, समय और समाज की आवश्यकताओं के अनुसार विकसित होते रहते हैं। हाल के चर्चित मामलों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि समाज में संवाद की कमी और पारिवारिक दबाव कई बार गंभीर घटनाओं का कारण बनते हैं।
उन्होंने युवाओं से अपने जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में स्पष्ट संवाद रखने की अपील भी की। अपने कार्यकाल को याद करते हुए डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली, उसे उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाया। उन्होंने बताया कि छह वर्षों के दौरान उन्होंने प्रदेश के लगभग सभी जिलों का दौरा कर सैकड़ों जनसुनवाई के माध्यम से हजारों महिलाओं की शिकायतों का निराकरण कराने का प्रयास किया।

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