मानसून में क्यों बढ़ जाता है टाइफाइड का खतरा? जानिए डॉक्टरों की महत्वपूर्ण सलाह और बचाव के उपाय

मानसून में क्यों बढ़ जाता है टाइफाइड का खतरा? जानिए डॉक्टरों की महत्वपूर्ण सलाह और बचाव के उपाय

नई दिल्ली: बारिश की बूंदें जहां भीषण गर्मी से राहत दिलाती हैं, वहीं अपने साथ कई तरह के संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी लेकर आती हैं। मानसून के मौसम में जल-जमाव और दूषित खान-पान के कारण जलजनित बीमारियों (Waterborne Diseases) का प्रकोप तेजी से बढ़ता है, जिनमें टाइफाइड (Typhoid) सबसे प्रमुख है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में पानी और भोजन के दूषित होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है, जिससे थोड़ी सी भी लापरवाही गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है।

क्यों बढ़ता है मानसून में टाइफाइड का खतरा?

टाइफाइड 'साल्मोनेला टाइफी' (Salmonella Typhi) नामक खतरनाक बैक्टीरिया के संक्रमण से होता है। मानसून में इसके फैलने की मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:

  • दूषित पानी की आपूर्ति: बारिश के दौरान जलभराव और पाइपलाइनों में रिसाव के कारण पीने के पानी में सीवर का दूषित पानी मिलने का खतरा बढ़ जाता है।

  • बाहरी व खुला खान-पान: सड़क किनारे बिकने वाले गोलगप्पे, चाट, खुले कटे फल और बिना ढका खाना मक्खियों व हवा के संपर्क में आकर संक्रमित हो जाता है।

  • नमी और बैक्टीरिया की वृद्धि: मानसून का उमस भरा और नम वातावरण बैक्टीरिया को पनपने के लिए सबसे अनुकूल माहौल प्रदान करता है।

टाइफाइड के प्रमुख लक्षण

यदि मानसून के दौरान आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हों, तो इन्हें सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज न करें:

  • तेज और लगातार बुखार: शरीर का तापमान 102°F से 104°F तक पहुंच जाना और सामान्य दवाओं से जल्दी कम न होना।

  • पेट दर्द और पाचन संबंधी समस्याएं: पेट में मरोड़, उल्टी, मिचली, दस्त या कब्ज होना।

  • अत्यधिक कमजोरी और सिरदर्द: शरीर टूटना, सिर में तेज दर्द होना और थोड़ी सी हलचल से बहुत थकान महसूस होना।

  • भूख में कमी: भोजन करने की इच्छा बिल्कुल समाप्त हो जाना।

डॉक्टरों की 5 महत्वपूर्ण सलाह: कैसे करें बचाव?

  1. उबला या फिल्टर किया पानी पिएं: मानसून में पानी को कम से कम 10 मिनट तक अच्छी तरह उबालकर और ठंडा करके ही पिएं। बाहर यात्रा के दौरान केवल सीलबंद बोतल के पानी का ही उपयोग करें।

  2. स्ट्रीट फूड और कच्ची चीजों से बचें: बाहर बिकने वाले खुले खाद्य पदार्थों, गोलगप्पे के पानी, कच्चे सलाद और बर्फ वाली चीजों का सेवन करने से बचें।

  3. हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखें: खाना खाने से पहले, खाना बनाते समय और शौचालय का उपयोग करने के बाद हाथों को साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक जरूर धोएं।

  4. ताजा और गर्म भोजन खाएं: घर पर हमेशा ताजा पका और ढका हुआ भोजन ही खाएं। लंबे समय से रखे हुए या बासी खाने से परहेज करें।

  5. घर के आसपास सफाई रखें: घर में या आसपास गंदा पानी जमा न होने दें, क्योंकि इससे मक्खियां और अन्य कीटाणु भोजन को दूषित कर सकते हैं।

डॉक्टर की चेतावनी:

टाइफाइड के लक्षण दिखने पर तुरंत योग्य चिकित्सक से परामर्श लें और जांच (Widal या Typhidot test) करवाएं। बिना डॉक्टरी सलाह के मेडिकल स्टोर से दवा लेकर 'सेल्फ-मेडिकेशन' न करें। इसके अलावा, डॉक्टर द्वारा बताए गए एंटीबायोटिक का पूरा कोर्स खत्म करें, ताकि बीमारी दोबारा न लौटे।