मधुबाला को आखिरी दिनों में क्यों अकेला छोड़ गए थे किशोर कुमार? बहन ने लगाए थे संगीन आरोप, जानिए शादी और दूरी का पूरा सच

मधुबाला को आखिरी दिनों में क्यों अकेला छोड़ गए थे किशोर कुमार? बहन ने लगाए थे संगीन आरोप, जानिए शादी और दूरी का पूरा सच

मुंबई: हिंदी सिनेमा की 'मर्लिन मुनरो' कही जाने वाली खूबसूरत अभिनेत्री मधुबाला और बहुमुखी प्रतिभा के धनी गायक-अभिनेता किशोर कुमार की प्रेम कहानी और शादी बॉलीवुड के सबसे चर्चित और भावुक अध्यायों में से एक है। साल 1960 में दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामा था, लेकिन यह शादी बहुत जल्द एक दर्दनाक मोड़ पर पहुंच गई। मधुबाला की गंभीर बीमारी के बाद दोनों के बीच आई दूरियों और आखिरी दिनों में उन्हें अकेला छोड़े जाने को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं।

मधुबाला की बहन मधुर भूषण के इंटरव्यू और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर जानिए इस रिश्ते का सच, किशोर कुमार के फैसले और बहन द्वारा लगाए गए आरोपों की पूरी कहानी:

शादी के तुरंत बाद सामने आई गंभीर बीमारी

'चलती का नाम गाड़ी' और 'हाफ टिकट' जैसी सुपरहिट फिल्मों में साथ काम करने के दौरान किशोर कुमार और मधुबाला के बीच नजदीकियां बढ़ी थीं।

  • लंदन में हुआ खुलासा: शादी के कुछ ही समय बाद जब मधुबाला की तबीयत बिगड़ी, तो किशोर कुमार उन्हें इलाज के लिए लंदन ले गए।

  • दिल में छेद: जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उनके दिल में छेद (Ventricular Septal Defect) है और उनका दिल काफी कमजोर हो चुका है। डॉक्टरों ने आशंका जताई थी कि वह दो साल से ज्यादा नहीं जी पाएंगी।

क्यों अलग घर में शिफ्ट की गईं मधुबाला?

लंदन से लौटने के बाद किशोर कुमार ने मधुबाला को मुंबई के कार्टर रोड स्थित एक घर में शिफ्ट कर दिया और उनके लिए एक नर्स व देखभाल करने वाले रख दिए।

  • किशोर कुमार का पक्ष: उस दौर में अपने करियर के शीर्ष पर चल रहे किशोर कुमार का तर्क था कि उनकी शूटिंग, लाइव शोज और व्यस्त दिनचर्या के कारण वह मधुबाला की सही देखभाल नहीं कर पाएंगे। उनका यह भी मानना था कि उन्हें देखकर मधुबाला भावुक हो जाती हैं, जो उनके कमजोर दिल के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

  • अकेलेपन का दर्द: रिपोर्ट्स के अनुसार, किशोर कुमार महीनों में एकाध बार (2-3 महीने में एक बार) ही उनसे मिलने आते थे।

बहन मधुर भूषण के गंभीर आरोप

मधुबाला की बहन मधुर भूषण ने अपने इंटरव्यूज में इस शादी के कड़वे सच पर खुलकर बात की है:

  1. भावनात्मक सहारे की कमी: मधुर भूषण के अनुसार, "हम यह नहीं कहते कि किशोर भैया गलत थे। डॉक्टरों ने मना किया था, फिर भी एक बीमार महिला को भावनात्मक सहारे (Emotional Support) की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।"

  2. फोन डिसकनेक्ट रहना: उन्होंने बताया कि किशोर कुमार का फोन अक्सर बंद या डिसकनेक्ट रहता था और वह बहुत कम मिलने आते थे।

  3. अकेलेपन की मार: मधुर के मुताबिक, अकेले घर में समुद्र की ठंडी हवाएं और अपनों से दूर होने का गम मधुबाला को अंदर ही अंदर तोड़ रहा था। उन्होंने कहा कि शायद खुद को अकेला छोड़ दिए जाने के अहसास ने ही उनकी बहन की जान ले ली।

क्या शादी के लिए धर्म बदला था? (सच्चाई)

अक्सर यह अफवाह उड़ती रही है कि मधुबाला से शादी करने के लिए किशोर कुमार ने अपना धर्म परिवर्तन किया था।

  • बहन का स्पष्टीकरण: मधुर भूषण ने इस बात का पूरी तरह से खंडन करते हुए कहा था कि यह महज एक अफवाह है। किशोर कुमार ने शादी के लिए कभी धर्म नहीं बदला; वह हमेशा हिंदू रहे और हिंदू रहते हुए ही उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा।

36 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

भले ही डॉक्टरों ने मधुबाला को केवल दो साल का समय दिया था, लेकिन अपनी जिजीविषा और आत्मबल के दम पर वह 9 साल तक बीमारी से लड़ती रहीं। हालांकि, लंबे समय तक बेडरिडन रहने और अकेलेपन के दर्द को झेलते हुए आखिरकार 23 फरवरी 1969 को महज 36 वर्ष की आयु में इस महान अभिनेत्री का निधन हो गया।