रायपुर में होगा राष्ट्रीय कैंसर सम्मेलन ‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’, देशभर के 300 से अधिक विशेषज्ञ होंगे शामिल
रायपुर। मध्य भारत के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स, रायपुर 13 और 14 जून को होटल बेबिलोन इंटरनेशनल में राष्ट्रीय स्तर के ऑन्कोलॉजी सम्मेलन ‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ का आयोजन करेगा। दो दिवसीय इस अकादमिक सम्मेलन में देशभर के 300 से अधिक कैंसर विशेषज्ञ, चिकित्सक, शोधकर्ता और स्वास्थ्य पेशेवर हिस्सा लेंगे।
सम्मेलन में कैंसर उपचार के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध, उभरती उपचार पद्धतियों और अत्याधुनिक तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसमें मेडिकल, सर्जिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के साथ-साथ प्रिसिजन मेडिसिन, इम्यूनोथेरेपी, हेमेटोलॉजिकल मैलिग्नेंसी और रोगी-केंद्रित कैंसर देखभाल जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
आयोजन से पहले आयोजित प्रेसवार्ता में रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स के प्रबंध निदेशक एवं क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. संदीप दवे के साथ वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रवि जायसवाल, वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. मौ रॉय और डॉ. नवीन जैन, वरिष्ठ रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. गौरव गुप्ता तथा वरिष्ठ सलाहकार न्यूक्लियर मेडिसिन डॉ. नीरू केरकेट्टा मौजूद रहे।
डॉ. संदीप दवे ने कहा कि भारत में कैंसर उपचार के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं और ऐसे समय में विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ देश के अग्रणी ऑन्कोलॉजिस्टों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहां वे अपने क्लिनिकल अनुभवों और नई तकनीकों पर विचार-विमर्श कर सकेंगे।
वहीं, वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रवि जायसवाल ने कहा कि प्रिसिजन मेडिसिन, इम्यूनोथेरेपी, मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स और टार्गेटेड थेरेपी जैसी आधुनिक तकनीकों ने कैंसर के निदान और उपचार की दिशा को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन चिकित्सकों के लिए नवीनतम उपचार पद्धतियों से अपडेट रहने और जटिल मामलों पर चर्चा करने का महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, सम्मेलन में वैज्ञानिक सत्र, मुख्य व्याख्यान, बहु-विषयक पैनल चर्चाएं और केस-आधारित शिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य विभिन्न विशेषज्ञों के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर कैंसर मरीजों के उपचार परिणामों को बेहतर बनाना है।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ सहित आसपास के राज्यों के ऑन्कोलॉजिस्ट, चिकित्सक, सर्जन, रेडिएशन विशेषज्ञ, स्वास्थ्यकर्मी और स्नातकोत्तर छात्र बड़ी संख्या में भाग लेंगे।

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