नई दिल्ली: 25 अगस्त 2026 (मंगलवार) का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत पावन माना गया है। मंगलवार का दिन संकटमोचन हनुमान जी और मंगल देव को समर्पित होता है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की इस तिथि पर हनुमान जी की उपासना करने से जीवन के सभी भय, संकट और मांगलिक दोष दूर होते हैं। किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले पंचांग के माध्यम से शुभ मुहूर्त और राहुकाल का विचार जरूर कर लेना चाहिए।
| पंचांग अंग |
विवरण |
| दिनांक |
25 अगस्त 2026 |
| वार (दिन) |
मंगलवार |
| माह |
भाद्रपद |
| पक्ष |
शुक्ल पक्ष |
| तिथि |
त्रयोदशी (तत्पश्चात चतुर्दशी) |
| नक्षत्र |
श्रवण (तत्पश्चात धनिष्ठा) |
| योग |
शोभन योग |
| करण |
तैतिल तत्पश्चात गर |
सूर्योदय, चंद्रोदय और सूर्य-चंद्र राशि
शुभ एवं अशुभ समय
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अभिजीत मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ समय): दोपहर 11:57 बजे से 12:48 बजे तक (किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम)
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अमृत काल: सुबह 08:10 बजे से 09:45 बजे तक
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राहुकाल (अशुभ समय): दोपहर 03:30 बजे से 05:07 बजे तक (इस समय दौरान कोई भी मांगलिक कार्य या नया निवेश न करें)
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दिशाशूल: उत्तर दिशा (यदि उत्तर दिशा की ओर यात्रा अनिवार्य हो तो घर से निकलने से पहले थोड़ा गुड़ या तुलसी का पत्ता खाकर निकलें)
आज के विशेष उपाय
मंगलवार के दिन प्रातःकाल स्नान के बाद हनुमान मंदिर जाकर बजरंगबली को चमेली का तेल और सिंदूर अर्पित करें। इसके बाद हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें और बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। लाल रंग के वस्त्र, गुड़ या लाल मसूर की दाल का दान करने से कुंडली में मंगल ग्रह मजबूत होता है और साहस व पराक्रम में वृद्धि होती है।