ईद-उल-अजहा पर सड़कों पर नमाज पढऩे पर मनाही, राज्य वक्फ बोर्ड की एडवाइजरी
रायपुर (चैनल इंडिया)। उत्तरप्रदेश की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में भी सड़कों पर नमाज पढऩे पर रोक लगा दी गई है। हालांकि यह रोक केवल ईद-उल-अजहा के लिए है और आदेश राज्य वक्फ बोर्ड ने जारी किया है।
राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने आठ बिंदुओं की एडवाइजरी जारी की है। इसमें यह बताया गया है कि ईद- उल-अजहा के अवसर पर कुछ बातों पर विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। डॉ. सलीम राज ने कहा कि इस मौके पर खुले या सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी बिल्कुल न करें। प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न करें। क़ुर्बानी की फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल न करें। कुर्बानी का खून नालियों में न बहाएं। अपशिष्ट पदार्थ एवं ख़ून गड्डा खोदकर दफनाएं। क़ुर्बानी के बाद साफ-सफाई का ध्यान रखें। सड़कों पर मनमाज़ अदा न करें। जमात ज्यादा होने पर पूर्व वर्षों की भाँति शिफ्ट (पाली) में नमाज़ की व्यवस्था करें।
डॉ. सलीम राज ने बताया है कि कई बार कुर्बानी खुले में करते हैं या क़ुर्बानी करते वीडियो अथवा फोटो को सोशल मीडिया में पोस्ट करते हैं इससे बहुसंख्यकों को तकलीफ होती है। समाज का वातावरण दूषित होता है। यह पैगंबर साहब का ही संदेश है कि जिस देश में रहें वहां के संविधान का आदर करना चाहिए। इस्लाम धर्म, कुरान और हदीस भी सभी धर्मों के प्रति आस्था आपसी भाईचारा, मोहब्बत और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देते हैं। हमें आसपास रहने वालों की आस्था का आदर करना चाहिए।

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