श्रीकृष्ण अवतार नहीं अवतारी हैं: डॉ इन्दुभवानन्द 

श्रीकृष्ण अवतार नहीं अवतारी हैं: डॉ इन्दुभवानन्द 

रायपुर (चैनल इंडिया)। राजधानी के श्री शंकराचार्य आश्रम में चल रही चातुर्मास प्रवचन माला के क्रम को गति देते हुए शंकराचार्य आश्रम के प्रभारी डॉ. इंदुभवानन्द ने कृष्ण जन्म की कथा को विस्तार देते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण अवतार नहीं, अवतारी है। भगवान के अनेक अवतार होते हैं। कहीं अर्चावतार कही आवेश अवतार कहीं कही कला अवतार कहीं अंशावतार और कहीं पूर्णावतार होता है। 

डॉ. इंदुभवानन्द ने कहा कि कार्यविशेष के संपादन के लिए भगवान तद् तद् अवतार धारण करते हैं किंतु सभी अवतारों में सभी भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण नहीं कर सकते हैं अत: एक ऐसे अवतार की आवश्यकता होती है जो समस्त अवतारों में दिए गए वरदानों को एक ही अवतार में पूर्ण कर सके। इस पूर्णता को प्रदान करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण के रूप में भगवान अवतार लेते हैं इसलिए भगवान श्री कृष्ण को पूर्ण अवतार, शेष अवतार भगवान के अंश विशेष माने जाते हैं अथवा कला विशेष माने जाते हैं पर भगवान श्री कृष्ण का अवतार पूरे का पूरा पूर्ण परमब्रह्म परमात्मा का अवतार ही है। 

उन्होंने कहा कि इसलिए भागवतकार वेदव्यास महाराज कहते हैं भगवान श्री कृष्ण अवतारों के खजाना है, अक्षय कोष है। भगवान श्री कृष्ण से ही समय-समय पर अनेक अवतार होते हैं। भगवान उन अवतारों की शेष कमी को पूर्ण करने के लिए कृष्ण के रूप में स्वयं अवतरित होते हैं।