बिजली चाहिए तो तीन महीने का एडवांस दो : पॉवर कंपनी का सरकारी विभागों के लिए नया प्लान

बिजली चाहिए तो तीन महीने का एडवांस दो : पॉवर कंपनी का सरकारी विभागों के लिए नया प्लान
रायपुर (चैनल इंडिया)। प्रदेश के सरकारी विभागों को बिजली लेने के लिए अब एडवांस में पैसा देना होगा। छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने इसके लिए तैयारी पूरी कर ली है। प्रदेश के करीब डेढ़ लाख सरकारी कनेक्शनों के लिए विभागवार अलग-अलग ग्रुप बनाकर उनको एक कोड दिया गया है। वितरण कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर ने बताया कि, सरकारी विभागों को कनेक्शनों को प्रीपैड करने की तैयारी अंतिम चरण में है। सभी विभागों के ग्रुप बनाकर उनको कोड दे दिया गया है। अब इस माह के अंत तक विभाग तीन-तीन माह का बिल एडवांस में जमा कर देंगे तो एक अगस्त के कनेक्शन प्रीपैड हो जाएंगे।
अब इस माह के अंत तक सभी विभागों को तीन-तीन माह का बिल एडवांस में देना होगा। इसी के साथ अगले माह से सरकारी विभागों के कनेक्शन एक तरह से प्रीपैड हो जाएंगे। अब एडवांस में पैसा देने की योजना लागू होने पर सरकारी विभागों के बकाया से पॉवर कंपनी को मुक्ति मिल जाएगी। सरकारी विभागों पर इस समय साढ़े तीन हजार करोड़ का बकाया है। जून और जुलाई का बकाया और जुडऩे पर यह बकाया करीब चार हजार करोड़ हो जाएगा। पहले सभी विभागों से तीन-तीन माह का रीचार्ज कराने के लिए कहा गया था, लेकिन किसी विभाग ने भी रीचार्ज नहीं कराया। ऐसे में अब ऊर्जा विभाग ने एक अधिसूचना जारी करके सभी विभागों को तीन-तीन माह का बिल एडवांस में जमा करने के लिए कहा है।
हर विभाग के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी 
इन विभागों को तीन-तीन के बिजली बिल के बराबर एडवांस में पैसा पॉवर कंपनी में जमा करना होगा। इसके लिए हर विभाग को अलग-अलग कोड भी दिया गया है। हर विभाग के लिए एक-एक नोडल अधिकारी भी बनाया गया है। पॉवर कंपनी अब इस प्रयास में जुटी है कि सभी सरकारी विभाग इस माह के अंत तक तीन-तीन माह का बिल एडवांस में जमा कर दें तो अगले माह एक अगस्त से सभी सरकारी विभागों के कनेक्शनों को प्रीपैड कर दिया जाए। पहले चरण में ब्लाक स्तर पर करीब 45 हजार सरकारी बिजली कनेक्शनों को प्रीपैड करने की तैयारी की गई थी, लेकिन अब लगभग सभी डेढ लाख कनेक्शनों को प्रीपैड किया जा रहा है। इसके लिए अब जिला स्तर पर जितने भी सरकारी विभाग है, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, पंचायतें, पुलिस सहित जितने भी विभाग हैं उनका अलग अलग ग्रुप बनाया गया है। इसमें जिस विभाग के एक जिले में जितने भी दफ्तर होंगे, उनका एक माह का बिजली बिल कितना आता है, इसको देखा जाएगा।