पंडवानी की अमर विरासत को मिलेगा सम्मान, तीजन बाई के नाम पर शुरू होगा राज्य अलंकरण पुरस्कार

पंडवानी की अमर विरासत को मिलेगा सम्मान, तीजन बाई के नाम पर शुरू होगा राज्य अलंकरण पुरस्कार

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति में अब राज्य अलंकरण पुरस्कार दिया जाएगा। इसकी घोषणा संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने रायपुर में आयोजित सांगीतिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान की। इस अवसर पर उन्होंने तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोककला और संस्कृति के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को याद किया।

कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री ने बताया कि पंडवानी कला के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से तीजन बाई के नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सम्मान नई पीढ़ी के कलाकारों को प्रेरित करेगा और प्रदेश की समृद्ध लोक परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने तीजन बाई के परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक भी सौंपा। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि तीजन बाई के पैतृक गांव गनियारी को कला ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि उनकी विरासत, कला और जीवन यात्रा से आने वाली पीढ़ियां परिचित हो सकें।

संस्कृति मंत्री ने यह भी बताया कि तीजन बाई द्वारा उपयोग किया गया ऐतिहासिक तंबूरा अब घासीदास संग्रहालय में संरक्षित और प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्कृति विभाग उनकी स्मृतियों, कला और योगदान को सहेजने तथा उन्हें व्यापक स्तर पर संरक्षित करने के लिए विशेष पहल करेगा।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कलाकार, साहित्यकार, सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोग और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने पंडवानी की महान साधिका स्वर्गीय तीजन बाई को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को सदैव प्रेरणादायी बताया।