नई दिल्ली: 26 अगस्त 2026 (बुधवार) का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। बुधवार का दिन बुद्धि, ज्ञान और सौभाग्य के दाता भगवान श्री गणेश और बुध ग्रह को समर्पित होता है। इस दिन भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी/पूर्णिमा तिथि का योग बन रहा है। विघ्नहर्ता गणेश जी की उपासना करने से जीवन के सभी दुख-दर्द, बाधाएं और मानसिक तनाव दूर होते हैं।
| पंचांग अंग |
विवरण |
| दिनांक |
26 अगस्त 2026 |
| वार (दिन) |
बुधवार |
| माह |
भाद्रपद |
| पक्ष |
शुक्ल पक्ष |
| तिथि |
चतुर्दशी (तत्पश्चात पूर्णिमा) |
| नक्षत्र |
धनिष्ठा (तत्पश्चात शतभिषा) |
| योग |
सुकर्मा योग |
| करण |
वणिज तत्पश्चात विष्टि |
सूर्योदय, चंद्रोदय और सूर्य-चंद्र राशि
शुभ एवं अशुभ समय
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:57 बजे से 12:48 बजे तक (किसी भी नए और महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ)
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अमृत काल: सुबह 09:30 बजे से 11:05 बजे तक
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राहुकाल (अशुभ समय): दोपहर 12:23 बजे से 02:00 बजे तक (इस समय दौरान कोई भी नया निवेश या शुभ कार्य करने से बचें)
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दिशाशूल: उत्तर दिशा (यदि उत्तर दिशा में यात्रा करना बेहद जरूरी हो तो घर से निकलने से पहले थोड़ा साबुत धनिया या सौंफ खाकर निकलें)
आज के विशेष उपाय
बुधवार के दिन प्रातःकाल स्नान के बाद भगवान श्री गणेश को दूर्वा (दूब घास), शमी के पत्ते और मोदक या बेसन के लड्डू अर्पित करें। इसके बाद 'ॐ गं गणपतये नमः' का 108 बार जाप करें। इस दिन गाय को हरी घास या पालक खिलाने से कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होता है, जिससे व्यापार में वृद्धि और बुद्धि का विकास होता है।