खारून तट पर श्रीमद भागवत कथा का भव्य समापन, रुक्मिणी विवाह की झांकी ने मोहा मन

खारून तट पर श्रीमद भागवत कथा का भव्य समापन, रुक्मिणी विवाह की झांकी ने मोहा मन

रायपुर। राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित खारून नदी तट पर आयोजित श्रीमद भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का रविवार को भव्य समापन हुआ। 17 मई से प्रारंभ हुए इस नौ दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भागवत कथा श्रवण कर धर्म, भक्ति और अध्यात्म का लाभ लिया। आयोजन महादेव घाट खारून नदी पुल के समीप किया गया था।

कथा व्यास परम श्रद्धेय महा भागवत आचार्य पं. वेदप्रकाश पाण्डेय ने अपने श्रीमुख से श्रद्धालुओं को श्रीमद भागवत कथा का रसपान कराया। दक्षिणमुखी सिद्ध हनुमान मंदिर से जुड़े आचार्य पाण्डेय, जिन्हें मुंगेली नवरंगपुर वाले के नाम से भी जाना जाता है, ने कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्ति, धर्म और जीवन मूल्यों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा श्रवण के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में अंजली शर्मा और गणेश प्रसाद शर्मा शामिल रहे। आयोजन का संचालन श्री नारायणी महिला मंडली समिति, रायपुरा द्वारा किया गया।

पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर रुक्मिणी विवाह की भव्य झांकी आकर्षण का केंद्र रही। राधा-रुक्मिणी की मनमोहक झांकी सजाई गई और पंचोपचार वैदिक विधि से पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। इस दौरान नरायणी महिला मंडल की ओर से श्रद्धालुओं का सम्मान किया गया तथा महिलाओं के बीच चिकट और सुहाग श्रृंगार सामग्री का वितरण किया गया।

समिति द्वारा पुरुषोत्तम मास के प्रत्येक दिवस के प्रतीक स्वरूप 33 बाती दीपदान किया गया। साथ ही 33 मालपुओं का विशेष भोग भी अर्पित किया गया। कन्या स्वरूप रुक्मिणी विवाह की रस्मों के दौरान शाखोचार और विदाई गीत संगीत मंडली द्वारा पारंपरिक मंगल गीतों की प्रस्तुति दी गई, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

गंगा दशहरा के अवसर पर गीता सहस्त्रधारा पुण्यकृत दान दिवस भी मनाया गया। इस दौरान कपिला गौदान किया गया और प्रमुख यजमान द्वारा अपने भांजे को “जगत भांजा” के रूप में विशेष भेंट प्रदान की गई। सहस्त्रधारा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होकर श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।

शोभायात्रा प्रारंभ होने से पूर्व समिति द्वारा आचार्य प्रमुख को दान राशि समर्पित की गई। आयोजन में नरायणी महिला मंडल टीम की सक्रिय भूमिका और सेवा भावना की श्रद्धालुओं ने सराहना की। आयोजन समिति के इस प्रयास को भक्तों ने प्रेरणादायक और अनुकरणीय बताया।

इस धार्मिक आयोजन में जया ठाकुर, सुजाता यदु, नीलिमा, यामिनी शर्मा, पूर्णिमा शर्मा, मालती साहू, कमला सिंह, दुर्गा सोनी, कल्पना, लक्ष्मी साहू, स्नेहलता मिश्रा, निहारिका, सुभाषिनी शुक्ला, अंजनी गणेश शर्मा, सीता बंछोर, रानी शर्मा, मोहित शर्मा, सुनिल शर्मा, गोपाल शर्मा और राम वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।