हिंदी पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई: मुख्य आरोपी वेणु जंघेल बिलासपुर से गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं हिंदी परीक्षा के पेपर लीक मामले में रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी वेणु उर्फ वेणु जंघेल को रायपुर क्राइम ब्रांच और कोतवाली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बिलासपुर से गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी छात्रों से पैसे लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराता था और गिरफ्तारी से बचने के लिए डिजिटल साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश कर रहा था। आरोपी को पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, 12वीं हिंदी विषय का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने और पेपर लीक की सूचना मिलने के बाद कोतवाली थाना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त मध्य जोन के निर्देशन में विशेष जांच टीम गठित की गई थी, जिसने तकनीकी और तथ्यात्मक आधार पर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मामले से जुड़े कई लोग डिजिटल फुटप्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बाद साइबर तकनीक की मदद से डिलीटेड डेटा, मोबाइल चैट, सोशल मीडिया गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की गई।
लगातार जांच और करीब 50 से अधिक छात्रों एवं अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस मुख्य आरोपी वेणु जंघेल तक पहुंची। आरोपी मूल रूप से बेमेतरा जिले के ग्राम बरसरा का रहने वाला है और फिलहाल रायपुर के गोकुल नगर इलाके में रह रहा था।
पुलिस जांच में यह सामने आया कि आरोपी 12वीं के छात्रों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के बदले करीब 3000 रुपये तक वसूलता था। मामला दर्ज होने के बाद से वह लगातार फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन सहित अन्य डिजिटल साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश कर रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 5000 रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
रायपुर क्राइम ब्रांच एसीसीयू और कोतवाली पुलिस ने तकनीकी निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी को बिलासपुर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को चार दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, जिसमें पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अन्य लोगों की संलिप्तता, प्रश्नपत्र प्रसारित करने के तरीकों और आर्थिक लेन-देन से जुड़ी अहम जानकारियां पुलिस को दी हैं। पुलिस अब रिकवर किए गए डिलीटेड डेटा, डिजिटल साक्ष्यों और आरोपी के बयान के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में आगे भी कई लोगों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई कोतवाली थाना पुलिस द्वारा की जा रही है।

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