जन्मदिन पर विशेष : लक्ष्मी राजवाड़े को विधायक बनाने पति ने छोड़ी नौकरी

जन्मदिन पर विशेष : लक्ष्मी राजवाड़े को विधायक बनाने पति ने छोड़ी नौकरी

साय कैबिनेट में सबसे कम उम्र की एकमात्र महिला मंत्री
 
छत्तीसगढ़ के विष्णुदेव साय की सरकार में एकमात्र महिला विधायक लक्ष्मी राजवाड़े को मंत्री बनाया गया है। साय मंत्रिमंडल में लक्ष्मी राजवाड़े सबसे कम उम्र की मंत्री हैं। साय कैबिनेट में सबसे कम उम्र की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की कहानी काफी रोचक है। सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र से लक्ष्मी राजवाड़े पहली बार विधायक निर्वाचित हुई। भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम वीरपुर की लक्ष्मी राजवाड़े पहली बार जनपद सदस्य बनीं थी। पिछले पंचायत चुनाव में लक्ष्मी ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता था। इसके बाद वर्तमान में जिला पंचायत सूरजपुर के सदस्य के अलावा भाजपा महिला मोर्चा सूरजपुर की जिला अध्यक्ष भी थी।
 एक कहावत है कि हर सफल इंसान के पीछे एक औरत का हांथ होता है लेकिन यहां एक औरत की सफलता के पीछे एक पुरुष का हाथ था। ये पुरूष कोई और नही बल्कि लक्ष्मी राजवाड़े के पति हैं, जो पंचायत सचिव के पद पर नौकरी कर रहे थे। पत्नी को चुनाव लड़ाने ठाकुरराम राजवाड़े ने नौकरी से इस्तीफा दिया और जुट गए चुनावी मैदान में। आलम ये रहा ही संभाग में सबसे बड़ी जीत लक्ष्मी राजवाड़े ने दर्ज की।


 लक्ष्मी राजवाडे के पति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से ताल्लुक रखते हैं। यही वजह थी कि टिकट भी इन्हें मिली और अब मंत्री पद भी। कटोरा गांव में पली बढ़ी लक्ष्मी की शादी सूरजपुर जिले के बीरपुर गांव में हुई है। यहां वो अपने पति और दो बेटे नरेंद्र और हिमांशु के साथ रहती हैं। लक्ष्मी राजवाड़े की पढ़ाई भी जारी है। बीए सेकेंड ईयर पास करने के बाद अब वो फाइनल ईयर की तैयारी कर रहीं हैं। 
 लक्ष्मी राजवाड़े भटगांव विधानसभा से भाजपा की विधायक चुनी गई हैं। यह सीट वैसे तो सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है लेकिन इस विधानसभा में जातिगत समीकरण काम करता है। इस सीट पर पारसनाथ राजवाड़े पिछले दो बार से चुनाव जीतते आ रहे थे लेकिन इस बार लक्ष्मी राजवाड़े ने पारसनाथ का विजय रथ रोक दिया, जिसका इनाम भी उन्हें मिला है।
 परिवार में खेती के साथ लक्ष्मी राजवाड़े एक ईंट भ_े और दो बॉयलर पोल्ट्री फार्म की मालकिन भी हैं। इनकी सफलता के पीछे इनके पति का बड़ा योगदान रहा है। हर समय उन्होंने साए की तरह लक्ष्मी का साथ दिया। विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने पति धर्म निभाया। सरकारी जॉब तक छोड़ दी। आज इस मेहनत का फल भी लक्ष्मी को मिला है। लक्ष्मी राजवाड़े का जन्म 10 नवंबर 1992 को ग्राम कटोरा पटना जिला कोरिया में हुआ है। उन्होंने हायर सेकेण्डरी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वर्ष 2022 में बीए द्वितीय वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण की है। उनके पिता ललित राजवाड़े है जो एसईसीएल के कर्मचारी रहे हैं। लक्ष्मी राजवाड़े का मूल व्यवसाय कृषि है। उन्होंने 2011 से अपनी राजनैतिक जीवन की शुरूआत की।