पूर्व आईएएस बी.के.एस. रे का निधन, साहित्य जगत ने खोया एक संवेदनशील रचनाकार

पूर्व आईएएस बी.के.एस. रे का निधन, साहित्य जगत ने खोया एक संवेदनशील रचनाकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व आईएएस अधिकारी बी.के.एस. रे का निधन हो गया। उनके निधन से प्रशासनिक और साहित्यिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। लंबे समय तक प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने वाले बी.के.एस. रे ने सेवानिवृत्ति के बाद साहित्य सृजन को अपना प्रमुख कार्यक्षेत्र बनाया था।

बी.के.एस. रे का जन्म 1 जून 1949 को हुआ था। वे वर्ष 1972 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी थे। अपने प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए शासन-प्रशासन में उल्लेखनीय योगदान दिया। वर्ष 2009 में अतिरिक्त मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने पूरी तरह साहित्य लेखन की ओर रुख किया।

साहित्य के क्षेत्र में भी बी.के.एस. रे ने अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने 50 से अधिक पुस्तकों की रचना की, जिनमें उपन्यास, कविता संग्रह, नाटक और समसामयिक विषयों पर आधारित पुस्तकें शामिल हैं। उनकी रचनाओं में प्रशासनिक अनुभव, सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाएं और भ्रष्टाचार विरोधी विचार प्रमुख रूप से देखने को मिलते हैं।

बी.के.एस. रे को एक कुशल प्रशासक के साथ-साथ संवेदनशील साहित्यकार के रूप में भी याद किया जाएगा। उनके निधन पर विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों, साहित्यकारों और समाज के प्रबुद्ध वर्गों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।