'कॉकरोच जनता पार्टी' का विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट; संस्थापकों पर FIR और CBI जांच की मांग
नई दिल्ली। सोशल मीडिया से शुरू हुआ 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का विवाद अब देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत द्वारा बेरोजगार युवाओं को लेकर की गई एक कथित टिप्पणी के विरोध में इस व्यंग्यात्मक (satirical) पार्टी का गठन किया गया था, जिसने इंटरनेट पर भारी लोकप्रियता बटोरी। लेकिन अब इस मामले ने एक गंभीर कानूनी मोड़ ले लिया है, जहां शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर इस पूरी मुहिम के पीछे के चेहरों और उनकी मंशा की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही, याचिका में इस आंदोलन के संस्थापकों के खिलाफ तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने के निर्देश देने का भी आग्रह किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट में दायर इस याचिका में तर्क दिया गया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में देश की न्यायपालिका और मुख्य न्यायाधीश की छवि को जानबूझकर धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। याचिकाकर्ताओं का मानना है कि इस तरह के डिजिटल आंदोलनों के पीछे कोई बड़ी साजिश या सुनियोजित एजेंडा हो सकता है, जिसका पर्दाफाश केवल एक निष्पक्ष केंद्रीय एजेंसी (CBI) की जांच से ही संभव है। सोशल मीडिया पर मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों को फॉलोअर्स के मामले में पीछे छोड़ने वाली इस 'कॉकरोच जनता पार्टी' के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग ने अब इस पूरे विवाद को इंटरनेट की दुनिया से निकालकर देश के सबसे बड़े कानूनी गलियारे में ला खड़ा किया है, जिस पर आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट का रुख बेहद महत्वपूर्ण होगा।

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