67 हजार महतारियों का ‘वंदन’ रुका
- 1.33 लाख का निधन
- पते पर 50 हजार महिलाएं नहीं
- 17 हजार का बायोमेट्रिक फेल
रायपुर (चैनल इंडिया)। महतारी वंदन योजना शुरू होने के दो साल बाद पहली बार सभी हितग्राहियों की ई-केवाईसी करवाई जा रही है। एक मार्च 2024 को जब योजना शुरू हुई तो करीब 70 लाख महिलाओं के खाते में सरकार ने एक हजार रुपए भेजना शुरू किए। अब ई-केवाईसी के बाद करीब 1.61 लाख महिलाओं के नाम कट गए हैं। इसमें 1.33 लाख महिलाओं का निधन हो चुका है। 27,700 अपात्र पाए गए हैं। 912 ने स्वेच्छा लाभ त्याग कर दिया है।
महिला बाल विकास विभाग मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का कहना है कि ई-केवाईसी की अंतिम तारीख 31 अगस्त थी लेकिन इसे एक महीने के लिए और बढ़ा दिया गया है। जिनके फिंगर आधार से मैच नहीं कर रहे है, वे महिलाएं चिंता न करें उन्हें भी राशि मिलेगी। शासन स्तर पर विचार किया जा रहा है। जहां से महिलाओं ने दो साल पहले फार्म भरा था, वे वहीं जाकर केवाईसी करा लें तो उनकी राशि भी जारी हो जाएगी।
केवाईसी न होने से 67 हजार महिलाओं की राशि जुलाई से रोक दी गई है। इसमें 17 हजार महिलाओं के फिंगर प्रिंट और रेटिना आधार से मैच ही नहीं कर रहे हैं। अब इन महिलाओं की राशि किस आधार पर भेजी जाए, इसके लिए शासन को विभाग ने पत्र लिखा है। 50 हजार महिलाएं जब केवाईसी कराने नहीं पहुंची तो खोजने विभागीय टीम भेजी गई, पर वे पते पर नहीं मिलीं। पड़ोसियों ने बताया कि वे कुछ महीने पहले यहां से दूसरी जिले या प्रदेश में शिफ्ट हो गई हैं। अगर ये महिलाएं जहां से फार्म भरा था, उसी क्षेत्र में आकर केवाईसी करवा लेंगी तो राशि जारी हो जागी। इसके लिए सरकार ने एक महीने का समय बढ़ा दिया है।
35 मामले गजब मिले
केवाईसी में विभाग को 35 अजब मामले मिले। विभागीय अफसरों ने जिंदा महिला को मृत कर दिया और मृत महिला के खाते में पैसे भेजते रहे। वजह यह थी कि दोनों महिलाओं और पति के नाम एक जैसे थे। अब मृत महिला के खाते से राशि वसूलकर जीवित महिला के खाते में भेजी जा रही है।
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