पंचांग 3 अगस्त : सावन सोमवार का शुभ संयोग; जानें तिथि, नक्षत्र और राहुकाल का समय
नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष परंपरा में किसी भी धार्मिक, मांगलिक या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग का विचार करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। 3 अगस्त का दिन विशेष धार्मिक महत्व रखता है क्योंकि यह पवित्र सावन (श्रावण) मास का सोमवार है। पंचांग के माध्यम से दिन की तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ मुहूर्तों की सटीक जानकारी मिलती है, जिससे कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। आइए जानते हैं 3 अगस्त का संपूर्ण पंचांग:
तिथि और संवत
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तारीख: 3 अगस्त
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दिन: सोमवार (सावन का पवित्र सोमवार)
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मास: श्रावण (सावन)
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पक्ष: कृष्ण पक्ष
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तिथि: षष्ठी तिथि
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विक्रम संवत: 2083
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शक संवत: 1948
सूर्य और चंद्रमा का समय
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सूर्योदय: प्रातः 05:44 बजे
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सूर्यास्त: सायं 07:09 बजे
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चंद्रोदय: रात्रि 11:58 बजे
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चंद्रास्त: प्रातः 11:35 बजे (अगले दिन)
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चंद्र राशि: मीन राशि (प्रातः तक), तत्पश्चात मेष राशि
नक्षत्र, योग और करण
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नक्षत्र: रेवती नक्षत्र, तत्पश्चात अश्विनी नक्षत्र
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योग: अतिगंड योग
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करण: तैतिल करण, तत्पश्चात गर करण
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
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ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:20 बजे से 05:02 बजे तक
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक (भगवान शिव की पूजा और नए कार्यों की शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ समय)
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:41 बजे से 03:35 बजे तक
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गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:09 बजे से 07:31 बजे तक
अशुभ समय और राहुकाल (Inauspicious Timings)
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राहुकाल: प्रातः 07:25 बजे से 09:06 बजे तक (इस समय के दौरान कोई भी नया, मांगलिक या वित्तीय कार्य करने से बचें)
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यमगंड: प्रातः 10:47 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
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गुलिक काल: दोपहर 02:08 बजे से 03:48 बजे तक
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दिशा शूल: पूर्व दिशा (सोमवार के दिन पूर्व दिशा में यात्रा करने से परहेज करना चाहिए, यदि यात्रा अनिवार्य हो तो दर्पण देखकर या थोड़ा दूध पीकर ही घर से निकलें)
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