सुपर ओवर की हार के बाद मैदान पर भिड़े वैभव सूर्यवंशी और विशेन हलाम्बागे, जानें धक्का-मुक्की पर क्या कहते हैं ICC के कड़े नियम
दांबुला: भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले का अंत विवाद के साथ हुआ। सोमवार को सुपर ओवर में भारत-ए की हार के बाद युवा भारतीय बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका के खिलाड़ी विशेन हलाम्बागे के बीच मैदान पर तीखी बहस और धक्का-मुक्की देखने को मिली।
मैच समाप्त होने के तुरंत बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते शारीरिक टकराव में बदल गई। मैदान पर माहौल तनावपूर्ण हो गया और स्थिति को संभालने के लिए श्रीलंका-ए के विकेटकीपर निरोशन डिकवेला को बीच-बचाव करना पड़ा। उनकी दखल के बाद दोनों खिलाड़ियों को अलग किया गया और मामला शांत हुआ।
घटना के बाद अब सभी की निगाहें मैच रेफरी प्रदीप जयप्रगाश के फैसले पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों खिलाड़ियों को आधिकारिक चेतावनी दी जाती है या फिर आईसीसी आचार संहिता के तहत कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है।
ICC के नियम क्या कहते हैं?
आईसीसी की आचार संहिता (Code of Conduct) के अनुच्छेद 2.12 के अनुसार, किसी अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ, अंपायर, मैच रेफरी या किसी अन्य व्यक्ति के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
नियम के तहत जानबूझकर, लापरवाही से या असावधानीवश किसी खिलाड़ी या अंपायर से टकराना, दौड़ते हुए भिड़ जाना या कंधा मारना भी अनुचित शारीरिक संपर्क की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में मैच अधिकारियों को घटना की गंभीरता के आधार पर कार्रवाई का अधिकार होता है।
कार्रवाई तय करते समय किन बातों पर होता है विचार?
आईसीसी के अनुसार, किसी भी मामले में सजा तय करने से पहले कई पहलुओं की जांच की जाती है। इनमें यह देखा जाता है कि संपर्क जानबूझकर किया गया था या नहीं, क्या उसे टाला जा सकता था, टकराव कितना गंभीर था और उससे किसी खिलाड़ी को चोट पहुंची या नहीं। साथ ही यह भी ध्यान में रखा जाता है कि घटना में शामिल व्यक्ति कौन था और पूरे घटनाक्रम का संदर्भ क्या था।
फिलहाल इस मामले पर आधिकारिक फैसला आना बाकी है, लेकिन मैदान पर हुई यह झड़प मैच खत्म होने के बाद चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है।

admin 




