बढ़ती उम्र में पुरुष न करें इन 5 मेडिकल टेस्ट में लापरवाही, समय पर जांच से टलेंगे बड़े खतरे

बढ़ती उम्र में पुरुष न करें इन 5 मेडिकल टेस्ट में लापरवाही, समय पर जांच से टलेंगे बड़े खतरे

लाइफस्टाइल डेस्क: अक्सर देखा जाता है कि पुरुष अपनी व्यस्त दिनचर्या, ऑफिस के काम और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चक्कर में अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। जब तक शरीर में कोई गंभीर लक्षण दिखाई न दे, तब तक वे डॉक्टर के पास जाने से बचते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, यह लापरवाही भारी पड़ सकती है क्योंकि कई गंभीर बीमारियां जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल शुरुआत में बिना किसी बड़े लक्षण के शरीर को खोखला करती हैं।

30 से 40 वर्ष की उम्र पार करने के बाद पुरुषों को अपने रूटीन चेकअप में कुछ खास मेडिकल टेस्ट जरूर शामिल करने चाहिए। आइए जानते हैं उन जरूरी टेस्ट के बारे में जो हर पुरुष के लिए बेहद आवश्यक हैं।

पुरुषों के लिए 5 सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जांच

1. लिपिड प्रोफाइल टेस्ट (कोलेस्ट्रॉल की जांच)

हृदय रोगों का खतरा पुरुषों में महिलाओं की तुलना में थोड़ा अधिक देखा जाता है। लिपिड प्रोफाइल टेस्ट से शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर का पता चलता है।

  • क्यों जरूरी है: बढ़ा हुआ बैड कोलेस्ट्रॉल धमनियों को ब्लॉक कर सकता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

2. ब्लड शुगर टेस्ट (मधुमेह की जांच)

खराब खान-पान, तनाव और शारीरिक निष्क्रियता के कारण डायबिटीज एक आम समस्या बन चुकी है। इसके लिए फास्टिंग (खाली पेट) और पीपी (खाने के बाद) ब्लड शुगर की जांच की जाती है। बेहतर आकलन के लिए HbA1c टेस्ट कराया जाता है, जो पिछले 3 महीनों का औसत शुगर लेवल बताता है।

  • क्यों जरूरी है: अनियंत्रित शुगर किडनी, आंखों और नसों को नुकसान पहुंचा सकती है।

3. ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग (रक्तचाप)

हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। हर पुरुष को नियमित अंतराल पर अपना ब्लड प्रेशर चेक कराते रहना चाहिए। सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg माना जाता है।

  • क्यों जरूरी है: लगातार हाई बीपी रहने से दिल और किडनी फेल होने का जोखिम बढ़ जाता है।

4. पीएसए टेस्ट (प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन)

50 वर्ष की उम्र के बाद या यदि परिवार में प्रोस्टेट कैंसर का इतिहास रहा हो, तो पुरुषों को पीएसए (PSA) टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। यह एक साधारण ब्लड टेस्ट है जो प्रोस्टेट ग्रंथि की स्थिति को दर्शाता है।

  • क्यों जरूरी है: प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती लक्षणों को पहचानकर इसका समय पर इलाज संभव हो पाता है।

5. विटामिन डी और बी12 की जांच

हड्डियों की मजबूती और मानसिक स्वास्थ्य के लिए विटामिन डी आवश्यक है, जबकि नसों की कार्यप्रणाली के लिए विटामिन बी12 जरूरी है। आजकल की इनडोर लाइफस्टाइल के कारण पुरुषों में इन दोनों विटामिंस की भारी कमी देखी जा रही है।

  • क्यों जरूरी है: इनकी कमी से लगातार थकान, बदन दर्द, कमजोरी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

मुख्य टेस्ट, सही उम्र और आवृत्ति

टेस्ट का नाम किस उम्र से शुरू करें कितनी बार कराएं
लिपिड प्रोफाइल 20 से 25 वर्ष के बाद हर 1 से 2 साल में (यदि सामान्य हो)
ब्लड शुगर / HbA1c 30 वर्ष के बाद साल में एक बार
ब्लड प्रेशर 18 वर्ष के बाद हर 6 महीने में या डॉक्टर की सलाह पर
PSA (प्रोस्टेट) 45 से 50 वर्ष के बाद साल में एक बार
विटामिन डी और बी12 25 वर्ष के बाद साल में एक बार

हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह:

"प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप (बीमार होने से पहले की जाने वाली जांच) को फिजूलखर्ची न समझें। यह आपके स्वास्थ्य का एक सुरक्षा कवच है। यदि आपकी पारिवारिक मेडिकल हिस्ट्री में दिल की बीमारी, कैंसर या डायबिटीज रहा है, तो आपको इन टेस्ट को और भी गंभीरता से लेना चाहिए।"

नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और समय पर की गई मेडिकल जांच आपको लंबे समय तक ऊर्जावान और स्वस्थ बनाए रख सकती है। अपनी सेहत को पहली प्राथमिकता दें।