महिला डॉक्टर से 51 लाख रुपये की कथित ठगी, मकान अधूरा छोड़ बिल्डर पर फरार होने का आरोप

महिला डॉक्टर से 51 लाख रुपये की कथित ठगी, मकान अधूरा छोड़ बिल्डर पर फरार होने का आरोप

रायपुर। राजधानी रायपुर में मकान निर्माण के नाम पर एक सरकारी महिला डॉक्टर से 51 लाख रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर तेलीबांधा थाना पुलिस ने बिल्डर और उसके पिता के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता डॉ. स्नेहलता दास वर्तमान में भाठागांव स्थित सांई विला कॉलोनी में निवास करती हैं और पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने वर्ष 2021 में सड्डू स्थित अविनाश कैपिटल्स होम्स-2 में एक प्लॉट खरीदा था, जिस पर मकान निर्माण कराने की योजना बनाई गई थी।

शिकायत में बताया गया है कि मकान निर्माण के लिए मार्च 2023 में यूके कॉन्सेप्ट डिजाइनर के संचालक मोहित सोलंकी के साथ अनुबंध किया गया था। अनुबंध के अनुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर मकान का निर्माण पूरा कर सौंपा जाना था।

डॉ. दास का आरोप है कि मकान निर्माण की कुल लागत लगभग 51 लाख रुपये तय की गई थी। इसके लिए उन्होंने बैंक से होम लोन लिया और अपनी बचत तथा अन्य स्रोतों से राशि जुटाकर बिल्डर को भुगतान किया। आरोप है कि पूरी रकम प्राप्त करने के बावजूद निर्माण कार्य केवल ढांचे तक ही सीमित रहा और मकान का अधिकांश हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया।

पीड़िता के अनुसार, भवन का प्लास्टर, ईंट निर्माण, फिनिशिंग और अन्य जरूरी कार्य पूरे नहीं किए गए। बाद में संबंधित कार्यालय बंद कर दिया गया और आरोपियों से संपर्क भी नहीं हो सका। शिकायत में कहा गया है कि बिल्डर और उसके सहयोगियों के मोबाइल फोन भी बंद बताए जा रहे हैं।

अधूरे निर्माण के कारण पीड़िता को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि बैंक ऋण की किस्तें, ब्याज, बिजली बिल, कर और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। साथ ही मकान को पूरा कराने के लिए अब अतिरिक्त लाखों रुपये खर्च करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए तेलीबांधा थाना पुलिस ने बिल्डर मोहित सोलंकी और उसके पिता गुलाब सिंह सोलंकी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन और अनुबंध से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जाएगी।