पैरा एशियन गेम्स में शीतल देवी का ऐतिहासिक प्रदर्शन: भारतीय तीरंदाज ने शानदार वापसी करते हुए कुछ ही घंटों में जीते दो स्वर्ण पदक

पैरा एशियन गेम्स में शीतल देवी का ऐतिहासिक प्रदर्शन: भारतीय तीरंदाज ने शानदार वापसी करते हुए कुछ ही घंटों में जीते दो स्वर्ण पदक

नई दिल्ली/खेल डेस्क: अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत का नाम एक बार फिर से रोशन करते हुए देश की स्टार पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने पैरा एशियन गेम्स में अपने अचूक निशाने का जादू बिखेरा है। महज 19 वर्ष की आयु में दुनिया भर में अपनी अनूठी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली शीतल ने प्रतियोगिता के दौरान एक ही दिन में दो स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। बिना हाथों के जन्म लेने के बावजूद अपने पैरों, कंधों और जबड़े के बल पर तीरंदाजी में महारत हासिल करने वाली शीतल की इस असाधारण उपलब्धि ने देश भर के खेल प्रेमियों को गौरवान्वित कर दिया है।

शीतल देवी ने अपने स्वर्णिम सफर की शुरुआत करते हुए सबसे पहले मिक्स्ड टीम कंपाउंड स्पर्धा में तोमन कुमार के साथ मिलकर शानदार प्रदर्शन किया और भारत के लिए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके कुछ ही घंटों बाद उन्होंने विमेंस कंपाउंड इंडिविजुअल के फाइनल मुकाबले में सिंगापुर की अनुभवी तीरंदाज नूर सयाहिदाह अलीम को बेहद रोमांचक मुकाबले में 142-139 से करारी शिकस्त दी। इस व्यक्तिगत फाइनल मुकाबले के दौरान शुरुआती दौर में चार अंकों से पिछड़ने के बावजूद शीतल ने गजब का मानसिक संयम और दृढ़ संकल्प दिखाया तथा शानदार वापसी करते हुए स्वर्ण पदक पर अपना कब्जा जमाया।

शीतल देवी की इस ऐतिहासिक सफलता पर खेल जगत और देश के दिग्गजों की ओर से बधाइयों का तांता लगा हुआ है। इससे पहले भी वह अपनी असाधारण खेल क्षमता के दम पर कई वैश्विक मंचों पर देश के लिए मेडल जीत चुकी हैं और पिछले संस्करण के अपने प्रदर्शन को दोहराते हुए एक बार फिर साबित कर दिया है कि अदम्य इच्छाशक्ति के आगे बड़ी से बड़ी शारीरिक चुनौतियां भी बौनी साबित हो जाती हैं। उनकी इस उपलब्धि से भारत का मान वैश्विक पटल पर और अधिक ऊंचा हो गया है।