नई दिल्ली: वैदिक सनातन परंपरा में किसी भी नए, धार्मिक या मांगलिक कार्य की शुरुआत करने से पहले उस दिन के पंचांग का अवलोकन करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। 8 अगस्त (शनिवार) का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से विशेष महत्व रखता है। यह सावन (श्रावण) मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे 'कामिका एकादशी' भी कहा जाता है। शनिवार का दिन कर्मफलदाता शनि देव और एकादशी तिथि सृष्टि के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु की उपासना के लिए समर्पित होती है।
पंचांग के माध्यम से तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ मुहूर्तों की सटीक जानकारी मिलती है, जिससे आप अपने दिन के महत्वपूर्ण कार्यों को बिना किसी विघ्न के योजनाबद्ध तरीके से पूरा कर सकते हैं। आइए जानते हैं 8 अगस्त का संपूर्ण पंचांग:
तिथि और संवत
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तारीख: 8 अगस्त
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दिन: शनिवार
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मास: श्रावण (सावन)
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पक्ष: कृष्ण पक्ष
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तिथि: एकादशी तिथि
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विक्रम संवत: 2083
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शक संवत: 1948
सूर्य और चंद्रमा का समय
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सूर्योदय: प्रातः 05:46 बजे
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सूर्यास्त: सायं 07:04 बजे
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चंद्रोदय: रात्रि 04:02 बजे (9 अगस्त)
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चंद्रास्त: सायं 05:01 बजे
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चंद्र राशि: मिथुन राशि
नक्षत्र, योग और करण
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नक्षत्र: मृगशिरा नक्षत्र, तत्पश्चात आर्द्रा नक्षत्र
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योग: वज्र योग, तत्पश्चात सिद्धि योग
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करण: बालव करण, तत्पश्चात कौलव करण
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
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ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:22 बजे से 05:04 बजे तक
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:53 बजे तक (भगवान विष्णु व शनि देव की पूजा, व्रत संकल्प और नए कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ)
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:40 बजे से 03:33 बजे तक
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गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:04 बजे से 07:26 बजे तक
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अमृत काल: सायं 05:30 बजे से रात्रि 07:08 बजे तक
अशुभ समय और राहुकाल (Inauspicious Timings)
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राहुकाल: प्रातः 09:06 बजे से 10:46 बजे तक (इस समय के दौरान कोई भी नया कार्य, शुभ संकल्प या बड़ा वित्तीय सौदा करने से बचें)
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यमगंड: दोपहर 02:06 बजे से 03:46 बजे तक
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गुलिक काल: प्रातः 05:46 बजे से 07:26 बजे तक
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दिशा शूल: पूर्व दिशा (शनिवार के दिन पूर्व दिशा में यात्रा करने से परहेज करना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से उड़द की दाल, अदरक या राई खाकर ही प्रस्थान करें)