करोड़ों की गांजा तस्करी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार : यूपी से पुलिस ने दबोचा,व्हाट्सएप चैट ने खोला राज
महासमुंद। महासमुंद पुलिस ने 912 किलो गांजा तस्करी मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क के मुख्य सरगना को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ओडिसा से उत्तरप्रदेश तक फैले करोड़ों रुपए के गांजा कारोबार का मास्टरमाइंड है और कई राज्यों में शराब ठेकों की आड़ में अवैध नशे का कारोबार संचालित कर रहा था।
पुलिस ने मुख्य आरोपी विनय कुमार शर्मा उर्फ पंडित जी (50)निवासी- ग्राम कुलमाली, थाना बाबरी, जिला शामली (उत्तर प्रदेश) को शामली जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ थाना बसना में एनडीपीएस एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
केले की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा था गांजा
मामला 17 अप्रैल 2026 का है, जब बसना पुलिस ने पलसापाली बैरियर पर नाकेबंदी के दौरान एक आयशर मालवाहक वाहन को रोका था। जांच में वाहन में रखे कच्चे केले के नीचे 29 प्लास्टिक बोरियों में छिपाकर रखा गया 912.760 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था। इसकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 56 लाख रुपए बताई गई थी।
पुलिस ने वाहन से चार फर्जी नंबर प्लेट भी जब्त की थीं। जांच में पता चला कि गांजा ओडिशा के कंधमाल से लोड कर उत्तर प्रदेश के शामली भेजा जा रहा था।
मोबाइल और व्हाट्सएप डेटा से खुला राज
पुलिस की तकनीकी जांच में व्हाट्सएप चैट, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य रिसीवर और फाइनेंसर विनय शर्मा ही था। इसके बाद महासमुंद पुलिस की विशेष टीम उत्तर प्रदेश रवाना हुई और शामली से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
शराब ठेकों की आड़ में चल रहा था नशे का कारोबार
पुलिस के अनुसार विनय शर्मा शराब, भांग और गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क का संचालन करता था। उसके आंध्र प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में 10 से अधिक शराब ठेके बताए जा रहे हैं। इन्हीं कारोबारों की आड़ में वह अंतरराज्यीय स्तर पर नशे की सप्लाई कर रहा था।
पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं चार आरोपी
इस मामले में पुलिस पहले ही वाहन चालक अब्दुल नईम, मुख्य बिचौलिया राम कुमार सिंह उर्फ रामजी ठाकुर तथा गांजा सप्लायर रमाकांत बेहरा और बबलू नायक को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
'एंड-टू-एंड' कार्रवाई पर फोकस
महासमुंद पुलिस ने बताया कि जिले में नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए केवल वाहक ही नहीं, बल्कि सप्लायर से लेकर मुख्य खरीदार और फाइनेंसर तक पर कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2026 में दर्ज 110 एनडीपीएस मामलों में से 65 मामलों में पुलिस ने सोर्स से डेस्टिनेशन तक कार्रवाई की है।

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